सिरसा

हरियाणा के सभी 22 जिले
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क्षेत्रफल के अनुसार हरियाणा का सबसे बड़ा जिला हरियाणा का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला
स्थापना – 26 अगस्त 1975

सिरसा में सर्वप्रथम

  • हरियाणा में सबसे ज्यादा कपास व गेहूं का उत्पादन सिरसा में ही होता है।
  • 2013-14 में सिरसा का गेहूं का उत्पादन पूरे भारत में नंबर वन पर था।
  • हरियाणा का पहला खुला शौचालय मुक्त जिला सिरसा ही बना है।

(देश का पहला खुला शौचालय मुक्त राज्य सिक्किम है।)

  • हरियाणा में सिरसा में सबसे ज्यादा गोशालाएं हैं। –78 
  • गाय पशुपालन में प्रथम स्थान पर हरियाणा में सिरसा ही है।
  • सबसे ज्यादा रक्तदान करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी सिरसा का ही है।
  • हरियाणा में मनरेगा सबसे पहले सिरसा और महेंद्रगढ़ जिले में लागू किया गया।

(भारत में आंध्रप्रदेश में अनंतपुर जिले से 2006 को इसका नाम है नरेगा और 20 अक्टूबर 2009 को इसका नाम मनरेगा रखा गया।)

  • लिंगानुपात – 897
  • जनसंख्या – 1295114
  • क्षेत्रफल – 4270 वर्ग किलोमीटर
  • साक्षरता दर –35 प्रतिशत
  • उप-मंडल –सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, कालाँवाली।
  • तहसील –सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, रानिया, नाथूसारी, चौपटा।
  • उप-तहसील –कलाँवाली, गोरीवाली।
  • खंड –सिरसा, डबवाली, बढा गुंढा, ऐलनाबाद, रानिया, ओढ़ा, नाथूसारी, चौपटा।
  • जनसंख्या घनत्व – 303 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर

हरियाणा का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला भी सिरसा ही है।

(सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व फरीदाबाद का है – 2442 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर)

नामकरण

  1. सिरसा का प्राचीन नाम सिरशुति और कुछ स्थानों पर सिरसिका लिखा पाया गया है।
  2. पाणिनी द्वारा रचित पुस्तक अष्टाध्याई में सिरसीका नामक स्थान का उल्लेख है। जो आगे चलकर सिरसा हो गया।
  3. कुछ लोग यह भी कहते हैं कि सन 1357 ईस्वी में राजा सारस ने इस नगर को बसाया था। उस समय इस नगर का नाम सारस अथवा सरस्वती नगर होता था।
  4. सन 1330 में मुल्तान से चलकर दिल्ली आए प्रसिद्ध अरबी यात्री इब्नबतूता ने भी सिरसुती नगर में पडाव करने का वर्णन किया है।
  5. एक अवधारणा के अनुसार सास्वत ऋषि या शिरीष के पेड़ के नाम पर इस शहर का नाम सिरसा पड गया।
  6. सिरसा को अन्य कई नामों से जाना जाता है जैसे –
  • सरस्वती नगरी
  • साहित्य नगरी
  • संतों की नगरी
  • वन नगरी

इतिहास –

  • सिरसा एक प्राचीन नगर है, जो बठिंडा-रेवाड़ी रेल मार्ग पर दिल्ली-फाजिल्का राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 10 पर स्थित है। सिरसा पहले हिसार जिले का एक हिस्सा हुआ करता था जो सन 1975 में अलग करके नया जिला बनाया गया और ईस परकार 1 सितंबर 1975 को सिरसा पृथक जिले के रूप में अस्तित्व में आया। मोहम्मद गजनवी के आक्रमण का भी यह नगर शिकार रहा था।

प्रमुख स्थल

  • ऐलनाबाद – 1863 में घग्गर नदी में बाढ़ आ जाने से यह गांव जलमग्न हो गया। सिरसा के तत्कालीन उपायुक्त जे.एच. आलीवर ने ऊंचे स्थान पर नया कस्बा बसाया और अपनी पत्नी ऐलना के नाम पर इसका नाम ऐलनाबाद रख दिया। यह एक प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्र भी रहा है। आज भी यहां कपास, चना, गेहूं और धान की प्रसिद्ध मंडी विद्यमान है।
  • मंडी डबवाली – यह सिरसा से 60 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में दिल्ली-फजिल्का राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। यह हरियाणा पंजाब की सीमा पर स्थित है और इसका कुछ भाग पंजाब में भी पड़ता है, जिसे कल्यांवाली मंडी के नाम से भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में डाभ या दूभ (जो कि एक प्रकार की घास है) की अधिकता होने के कारण इसका नाम दूबवाली अथवा डाभवाली पड़ा, जो कि कालाअंतर में चेंज होकर डबवाली हो गया।
  • रानियां – 14वीं सदी मे इसको रायबीरू ने बसाया था। इसका प्राचीन नाम राजबपुर था।

प्रमुख धार्मिक स्थल

  • श्री बाबा तारा जी की कुटिया – सिरसा शहर में रानियां रोड पर श्री बाबा तारा जी की कुटिया स्थापित है। इस कुटिया का निर्माण सिरसा के गोविंद कांडा और गोपाल कांडा नामक दो भाइयों ने करवाया है। कुटिया का मुख्य आकर्षण केंद्र 71 फुट ऊंचा शिवालय है।
  • दादी सती मंदिर – सिरसा जिले के गांव कुमारिया में स्थित दसकों पुराना दादी सती का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को दादी सती कि यहां विशेष रुप से पूजा की जाती है।
  • डेरा सच्चा सौदा – सन् 1948 में संत शाह मस्ताना ने सिरसा नगर में बेगू रोड पर डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी। संत राम रहीम गुरमीत सिंह वर्तमान में इस डेरे के प्रमुख हैं।
  • गुरुद्वारा चोर-मार शहिदां – सिरसा जिले के गांव चोर-मार में स्थित गुरुद्वारा चोर-मार शहिदां भी हरियाणा में आए उन साधु संतों की याद तो दिलाता ही है जो अपनी राह से भटके लोगों को समझाने के लिए हरियाणा आए थे, साथ ही यह गांव उन लोगों के लिए भी जाना जाता है जो राहीगीरों से धन आदि लूटने वालों से लड़ते-लड़ते शहीद हो गए थे। उन्ही की याद में सिरसा-डबवाली रोड पर स्थित इस गुरुद्वारे को चोर-मार शहिदां नाम से दूर-दूर तक जाना जाता है।
  • डेरा बाबा भूमण शाह, संगर साधां – कंबोज समाज का धार्मिक स्थल डेरा बाबा भूमण शाह हिसार रोड पर सिरसा से 17 किलोमीटर और वहां से 3 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है। इस डेरा की स्थापना करीब 300 साल पहले पाकिस्तान के जिला ओकांडा, तहसील देपालपुर में स्थित गांव कोट कुतुबगड में हुई। ईसके संस्थापक संत भूमण साह का जन्म 1687 ईस्वी में हुआ था। पिता का नाम चौधरी हस्साराम तथा माता का नाम रज्जोबाई था, और बचपन का नाम भूमिया था।

प्रमुख पर्यटक स्थल

  • अबुबाशहर वन्य जीव अभ्यारण – यह हरियाणा का सबसे बड़ा अभ्यारण है जो कि 11530 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहां पर काले तीतर पाए जाते हैं। इसलिए इसे काला तीतर पर्यटन स्थल भी कहा जाता है।
  • फल उत्कृष्टता केंद्र यह केंद्र इजराइल की सहायता से अगस्त 2013 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के द्वारा70 करोड़ की लागत से बनाया गया।
  • सिरसा के मैदानी भागों में आनकाई दलदल स्थित है। जिसकी ऊंचाई 200 मीटर से भी कम है।
  • सुर्खाब पर्यटन स्थल

सिरसा के बारे में महत्वपूर्ण बातें

  1. मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान तृतीय को अंधा इसी स्थान पर किया था।
  2. पाकिस्तान के सबसे नजदीक, हरियाणा का सिरसा जिला ही लगता है।
  3. सिरसा में सिंचाई घघर नदी के द्वारा ही होती है।
  4. सिरसा में भारतीय वायुसेना का हवाई अड्डा भी स्थित है।

(इसके अलावा हरियाणा कें गुरुग्राम व अंबाला में भी सेना के हवाई अड्डे बनाए गए हैं।)

  1. लीलाधर दुखी स्मारक सरस्वती संग्रहालय कि स्थापना 26 अगस्त 2001 को सिरसा में ही कि गई।
  2. रानियां का विद्रोह 1818 में जाबित खां के नेतृत्व में यहीं पर हुआ था।
  3. सिरसा के लूदेसर गांव में शहीदी स्मारक भी बनाया गया है। स्वतंत्रता सेनानी बलदेव इसी गांव से संबंधित हैं।
  4. हरियाणा का पहला कैशलेस गांव सिरसा का नीलावली है।
  5. हंटर जीप सिरसा में बनाई जाती है।
  6. सिरसा में सबसे अधिक सिंचाई नहर के द्वारा होती है।
  7. साईं नाथ का प्रसिद्ध मंदिर भी यहीं पर स्थित मंदिर है।
  8. चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय भी यहीं पर स्थित है।

प्रमुख व्यक्ति

  • चौधरी देवीलाल चौटाला – ईनकी चौथी पीढ़ी भी राजनीति में है। ईनका जन्म सिरसा मे 25 सितंबर 1915 को और ईनकी मृत्यु 6 अप्रैल 2001 को हुई। ये 1989-90 में दो बार भारत के उप-प्रधानमंत्री के पद पर भी आसीन रह चुके हैं। इस दौरान ये कृषि मंत्री भी रहे थे। ये भारत में ताऊ के नाम से प्रसिद्ध हैं। इनका नारा “लोकराज से लोकलाज” चलता है। इन्होंने 1996 में INLD पार्टी भी बनाई।
  • सविता पूनिया – यह एक प्रसिद्ध हाकी खिलाड़ी हैं। इन्होंने सन 2016 रियो ओलंपिक में भाग लिया था।
  • गोपाल कांडा – ईन्होंने 2014 में हरियाणा में लोकहीत पार्टी बनाई।
  • सरदार सिंह – ये हॉकी खिलाड़ी हैं।ईन्होंने 2017 में राजीव गांधी पुरस्कार जीता।
  • शंकर जादूगर – ये ऐलनाबाद से संबंधित हैं।
  • सुनील ग्रोवर – ये फिल्मों में कॉमेडी करते हैं।
  • कुमुद बंसल – ये वर्तमान में साहित्य अकादमी निर्देशक हैं।
  • चांद भाई – ये हरियाणा की पहली महिला सत्याग्रही हैं।
  • श्री गणेशी लाल – इनको उड़ीसा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

सिरसा के प्रमुख स्टेडियम 

  • शाह सतनाम क्रिकेट स्टेडियम
  • शाह सतनाम क्रिकेट स्टेडियम
  • सरदार भगत सिंह क्रिकेट स्टेडियम
  • इंदौर स्टेडियम

सिरसा के प्रमुख मेले गुरुद्वारे

  • सालासर धाम
  • गुरुद्वारा चिल्ला साहिब
  • राधा स्वामी डेरा – सिकंदरपुर
  • गणगौर मेला मार्च से अप्रैल के बीच लगता है।
  • गुरु गोविंद सिंह पर्व
  • गुरु नानक पर्व
  • रामदेव जी का मेला
  • गोलक जी का मेला

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