हरियाणा के सभी 22 जिले
Spread the love

ईन प्रशनों से रिलेटिड Video आप हमारे YouTube चैनल पर भी देख सकते हैं click here

हरियाणा की एजुकेशन सिटीस्थापना – 1 नवम्बर 1966
मुख्यालय – रोहतक
लिंगअनुपात – 868/1000
साक्षरता दर – 80.4%
जनसंख्या – 1058683
उप-मंडल – रोहतक, सापलाँ वह महम।
तहसील – रोहतक, सापलाँ, कलानौर, व महम।
उप-तहसील – लाखनमाजरा।
खंड – कलानौर, लाखनमाजरा, महम, रोहतक, साँपला।
प्रमुख नगर – महम, कलानौर, सांपला, अस्थल बोहर और लाखनमाजरा।
विधानसभा क्षेत्र – गढ़ी सांपला, कलानौर, महम, रोहतक
क्षेत्रफल – 1745 वर्ग किलोमीटर (स्थापना के समय रोहतक का क्षेत्रफल 6040 वर्ग किलोमीटर था जो कि अब वर्तमान में 1745 वर्ग किलोमीटर है।)

इतिहास रोहतक नगर पंवार राजा रोहतास के द्वारा स्थापित किया गया था।
रोहतक जिले में पहले झज्जर व सोनीपत जिले भी शामिल थे, लेकिन बाद में इनको यह अलग कर दिया गया।
नमक सत्याग्रह हो या भारत छोड़ो आंदोलन हो या असहयोग आंदोलन, इन आंदोलनों में रोहतक जिले के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
यह नगर प्राचीन काल से लकड़ी में कृषि उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
रोहतक को हरियाणा का एजुकेशन सिटी भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय और पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के अतिरिक्त अनेक महाविद्यालय, बहुतकनीकी संस्थान, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिक्षण महाविद्यालय के साथ-साथ अनेक उच्चतर, माध्यमिक एवं प्राथमिक पाठशालाएं भी स्थापित कि गई हैं।
शहर की शौरी क्लॉथ मार्केट हरियाणा में ही नहीं बल्कि उत्तर भारत की सबसे बड़ी कपड़े की मार्केट मानी जाती है।
चरखी दादरी अलग जिला बनने से पहले यह हरियाणा का एकमात्र ऐसा जिला था जिसकी सीमाएं देश के किसी राज्य से नहीं लगती थी, लेकिन अब यह दो हो गए हैं। चरखी दादरी भी इसमें शामिल कर लिया गया है।
सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष भी यहां रोहतक से प्राप्त हुए हैं। इंडो ग्रीक शासकों के सिक्के रोहतक के खोखराकोट से मिले हैं और गुप्त काल की कुछ मुद्राएं भी प्राप्त की गई हैं।
रोहतक से सबसे अधिक सैनिक प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हुए थे और करगिल युद्ध में सबसे अधिक सैनिक झज्जर से शामिल हुए थे।
महाभारत के नकुल दिग्विजय में रोहतक का वर्णन मिलता है।
महाभारत का पुराना नाम जय संहिता है।
महाभारत का युद्ध 18 दिन तक लगातार चला था।
रोहतक के जाटों पर आर्य समाज का सबसे अधिक प्रभाव पड़ा था।
महात्मा गांधी, मोहम्मद अली तथा शौकत अली तीनों मिलकर 8 अक्टूबर सन 1920 को रोहतक में आए थे।
असहयोग आंदोलन के दौरान नवंबर सन 1920 में रोहतक में हुए सभा आयोजन के स्वागत समिति के अध्यक्ष लाला श्यामलाल बनाए गए थे।
नवंबर सन 1921 में रोहतक की नगर पालिका ने प्रस्ताव पारित कर प्रिंस ऑफ वेल्स के आगमन का बहिष्कार भी किया था।
फरवरी सन 1921 को रोहतक के वेश्य हाई स्कूल की नींव महात्मा गांधी के द्वारा रखी गई थी।
हरियाणा में सर्वप्रथम 1926 में इंटरमीडिएट स्तर का कॉलेज रोहतक में हीं खुला था।
अप्रैल 1955 में प्रदेश सीमा निर्धारण के लिए आयोग का आगमन रोहतक में सबसे पहले हुआ था।
कई संस्थान भी रोहतक में स्थित हैं जैसे फिल्म एवं टीवी संस्थान, फैशन डिजाइन संस्थान, फाइन आर्ट्स संस्थान, इसके अलावा मॉडल टाउनशिप आदि।
खनिजों के मामले में रवेदार चुना रोहतक में सबसे अधिक पाया जाता है।
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सबसे अधिक सैनिक रोहतक से ही शामिल हुए थे।
बर्मा युद्ध में अंग्रेजो की हार की चर्चा सुनकर हरियाणा में रोहतक के किसानों ने सबसे पहले बगावत शुरू की थी।
लेखराम ने सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के साथ मिलकर दिल्ली के एक बैंक में डकैती डाली और वहां से करीब 17 हजार ₹ प्राप्त किए।
लार्ड इरविन की गाड़ी को उड़ाने के लिए लेखराम ने यहां की लाल मस्जिद में बम तैयार किए थे।
हरियाणा का पहला समाचार पत्र हरिभूमि सन 1996 में रोहतक से प्रकाशित हुआ।
रोहतक को शिक्षा का हब भी कहते हैं।
रोहतक में ज्वार की फसल सबसे ज्यादा होती है।
कुषाण काल की मूर्तियां भी रोहतक से मिली हैं।
यहां पर राजीव गांधी स्टेडियम स्थित है।
बांग्ला साहिब गुरुद्वारा भी यहां पर स्थित है।
“राजीव गांधी खेल स्टेडियम” रोहतक के सेक्टर 6 में स्थित है।
रोहतक को हरियाणा की राजनैतिक राजधानी भी कहा जाता है।
रोहतक में कांग्रेस की स्थापना 1887 में हुई थी।
तिलियार झील यहां की एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। महम – यह रोहतक जिले का एक महत्वपूर्ण नगर है। यहां पर एक ऐतिहासिक चबूतरा है, जहां 24 गांव की पंचायते इकट्ठे होकर क्षेत्र की समस्याओं के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय व न्याय करती हैं। प्राचीन काल में महम रोहतक जिले का मुख्य केंद्र हुआ करता था। मोहम्मद शहाबुद्दीन गोरी ने इसका विनाश किया था।
महम की बावड़ी – इसे 1656 ई. में सुद्दो कलोल ने बनवाया था। इसे स्वर्ण झरने के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर ज्ञानी चोर की गुफा भी स्थित है।

महत्वपूर्ण स्थल

जिला स्तरीय युद्ध स्मारक – यह संस्थान मानसरोवर पार्क, रोहतक में स्थित है। इस स्मारक पर पूरे जिले के शहीदों के नाम संगमरमर की शिलाओं पर खुदाई करके अंकित किए गए हैं।

राज्यस्तरीय युद्ध स्मारक – यह स्मारक महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रांगण में प्रथम द्वार के निकट स्थित है। यह स्मारक दिसंबर 2004 में निर्मित हुआ था। इसमें एक मोन्यूमेंट, एक हाल ऑफ फेम तथा एक पुस्तकालय स्थापित है।

आकाशवाणी केंद्र – 8 मई सन 1976 को हरियाणा का राज्य का पहला आकाशवाणी केंद्र रोहतक में स्थापित किया गया था। जिसकी रेंज 47200 वर्ग किलोमीटर है। जहां से हरियाणा की संस्कृति व विकास से संबंधित कार्यक्रम आज भी प्रसारित किए जाते हैं।

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय – महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की स्थापना सन 1976 में हुई थी। इस विश्वविद्यालय का कैंपस 700 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। ईसके वर्तमान वाइस चांसलर बी.के. पुनिया हैं।

पंडित भगवत दयाल मेडिकल विश्वविद्यालय – सर्वप्रथम ईस विश्वविद्यालय की स्थापना एक मेडिकल कॉलेज के रूप में जून सन् 1964 में की गई थी और 25 फरवरी सन 1963 को ईसे स्वतंत्र मेडिकल कॉलेज का दर्जा दिया गया, जबकि इससे पहले यह कॉलेज गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पटियाला के साथ गेस्ट कॉलेज के रूप में जुड़ा हुआ था। इसके प्रथम वाइस चांसलर डॉक्टर सुखबीर सिंह सांगवान थे। इसके वर्तमान वाइस चांसलर ओ.पी. कालरा हैं।

एकल खिड़की योजना की शुरुआत – इसके तहत जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र यह सभी एक ही जगह पर मिलने लगेंगे। इसी के कारण रोहतक जिले का तेजी से औद्योगीकरण हो रहा है।

महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल

  1. तिलियार पर्यटक स्थल – जिला रोहतक में नगर से 5 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में अस्थल बोहर मठ के समीप 123 एकड़ में फैला हुआ तिलियार पर्यटक स्थल है। यह यहां का मुख्य आकर्षण केंद्र है।
  2. लाल मस्जिद – लाल मस्जिद रोहतक नगर की एक मनोहर व प्रसिद्ध मस्जिद है। भिवानी स्टैंड पर स्थित इस मस्जिद को सन 1939 में नगर के एक प्रसिद्ध व्यापारी हाजी अली ने बनवाया था। इसका प्रवेश द्वार तराशे हुए लाल पत्थरों से बना हुआ है। पंडित बैध लेखराम ने भगवत सिंह की टीम को बम बनाने यही पर सिखाए थे।
  3. सीसे वाली मस्जिद – रोहतक के चमेली बाजार में स्थित यह एक विशाल मस्जिद है। जिसका प्रवेश द्वारा संगमरमर से निर्मित है।
  4. दीनी मस्जिद – रोहतक की दीनी मस्जिद एक ऐतिहासिक प्राचीन मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के द्वारा करवाया गया था। इस मस्जिद में प्राचीन महावीर मंदिर है। सुल्तान अलाउद्दीन के शासनकाल में इस मंदिर को मस्जिद का रूप दे दिया गया था। सन 1947 के बाद इसको फिर से मंदिर का रुप दे दिया गया।
  5. महम की बावड़ी – रोहतक जिले के कस्बे महम में स्थित है। यह बावड़ी काफी पुरानी है। इस बावड़ी को महम की शान माना जाता है। कस्बे के दक्षिण-पूर्वी भाग में महम-भिवानी मार्ग के समीप स्थित यह बावड़ी जल संचय का एक अनूठा उदाहरण है। यह बावड़ी शाहजहां के शासनकाल में शुद्धो कलाल ने 1656 ईस्वी में बनवाई थी।
  6. अस्थल बोहर मठ – यहां के मठवासी नाथ संप्रदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह बोध धर्म के महायान का एक भाग है। गुरु गोरखनाथ को इसका संस्थापक माना जाता है। वास्तव मे गुरु गोरखनाथ के शिष्य चौरंगी को इसका वास्तविक संस्थापक माना जाता है। सन 1191 बाबा मस्तनाथ ने इस मठ को पुनः जीवित किया था। अब यहां के महंत बाबा बालकनाथ जी हैं।
  7. गुरुद्वारा लाखन माजरा – ग्राम लाखन माजरा रोहतक के 20 किलोमीटर दूर रोहतक-जींद रोड पर बसा हुआ है। जहां पर प्रसिद्ध मंजी साहिब गुरुद्वारा बना हुआ है। कहावत के अनुसार तेग बहादुर जब दिल्ली शहीदी देने जा रहे थे। तब वह यहां पर एक रात के लिए रुके थे।
  8. गऊ कर्ण तालाब – गऊ कर्ण नामक तालाब रोहतक नगर में स्थित है। गऊ कर्ण महाराज के नाम पर ही यह स्थान गऊ कर्ण तालाब के नाम से प्रसिद्ध है।
  9. नौरंग पर्यटक स्थल – राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 10 पर हरियाणा का ऐतिहासिक नगर महम स्थित है। इस नगर में महम चौबीसी चबूतरा स्थित है, जहां पर 24 गांवों का किसी भी कार्य का फैसला किया जाता है। ईसी के साथ नौरंग नामक पर्यटक स्थल भी हरियाणा पर्यटन विभाग के द्वारा बनाया गया है।
  10. काजी की मस्जिद – रोहतक से 22 किलोमीटर दूरी पर यह प्राचीन मस्जिद स्थित है। इस मस्जिद की मीनारें 60 फुट की हैं, जिसमें गोल सीढ़ियां कुतुबमीनार कि तरह बनी हुई हैं। यह मस्जिद सफेद पत्थरों से बनाई गई है।
  11. (IIM) indian institute of management – यह उत्तर भारत का तथा एन.सी.आर का अकेला पहला इंस्टीट्यूट है जो 200 एकड़ में फैला हुआ है। इसका निकनेम कंथौर है। इसका पहला बैच जून 2010 में 50 बच्चों के साथ शुरू किया गया था। सबसे पहले इसकी स्थापना कोलकाता में सन 1961 में हुई थी। उसके बाद अहमदाबाद में 1962 में, इसके बाद रोहतक में 10 नवंबर 2009 में हुई।
  12. चौधरी बंसीलाल क्रिकेट स्टेडियम, लाहली – सचिन तेंदुलकर ने अपना अंतिम रणजी मैच इस मैदान पर खेला था।
  • महम हिरण उद्यान
    मैंना रेस्टोरेंट
    नौरंग पर्यटक स्थल
  • शौरी मार्किट – यह हरियाणा की ही नहीं बल्कि उत्तर भारत की सबसे बड़ी कपड़ा मार्केट है।
    महम शुगर मिल – ईसकि स्थापना 1991 मे हुई।
    रोहतक शुगर मिल – स्थापना 1956

प्रमुख मेले
बाबा मस्त नाथ का मेला – अस्थल बोहर
बाबा जमनादास का मेला – भलोट
बाबा बूड्ढा मेला – असोदा
शिवजी का मेला – किलोई

प्रमुख महान व्यक्ति

  1. रणबीर सिंह हुड्डा – इनका जन्म 26 नवंबर सन 1914 को चौधरी मातूराम और मामकोर के घर सांघी गांव में हुआ था। ईनकि प्राथमिक शिक्षा वैश्य हाई स्कूलों रोहतक में हुई व उच्च शिक्षा रामजस कॉलेज दिल्ली से प्राप्त की। चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पहली बार सत्याग्रह आंदोलन में सक्रियता से भाग लेने के कारण सन् 1941 में गिरफ्तार भी किए गए थे। 3 सालों तक विधानसभा के सदस्य भी यह नियुक्त रहे थे। ये 1962 से 1966 तक उर्जा व सिंचाई मंत्री भी रहे हैं तथा 1966 से 1967 तक PWD व स्वास्थ्य मंत्री भी रहे हैं। ईन्होंने “हिंदी हरियाणा” नामक पत्रिका का संपादन किया है और हरियाणा विद्या प्रचारणी सभा, रोहतक के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1 फरवरी 2009 को 94 वर्ष की उम्र में इनका निधन हो गया।
  2. भूपेंद्र सिंह हुड्डा – हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जन्म 15 सितंबर 1947 को रोहतक जिले के सांघी गांव में हुआ। ये अब तक 4 बार लोकसभा संसदीय क्षेत्र रोहतक से सांसद बने जा चुके हैं। ये 5 मार्च 2005 को हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हुए थे। उसके बाद 28 अक्टूबर 2009 को उन्होंने लगातार दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।
  3. ममता खरब – 26 जनवरी सन 1982 को रोहतक में जन्मी हॉकी खिलाड़ी ममता खरब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान ममता खरब को हरियाणा सरकार ने डी.एस.पी. के पद पर नियुक्त कर सम्मानित भी किया है। ये भीम अवार्ड तथा अर्जुन अवार्ड भी प्राप्त कर चुकी हैं। ईनके नेतृत्व में भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ष 2006 में मैलबर्न में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम में रजत पदक प्राप्त किया था। 2002 मानचेस्टर कोमनवेल्थ में हॉकी स्वर्ण पदक जीतने के बाद इन्हें गोल्डन गर्ल के नाम से भी जाना जाता है।
  4. पहलवान अशोक कुमार गर्ग – भारत सरकार ने वर्ष सन् 1993 में गर्ग को अर्जुन अवार्ड से नवाजा था, जबकि हरियाणा सरकार ने वर्ष 1990 में उन्हें राज्य खेल पुरस्कार दिया था। वर्ष 1990 में उन्हें सितारा-ए-हिंद व 1991 में सीतारा-ए-पंजाब का किताब भी दिया गया।
  5. स्वामी इंद्रवेश – सामाजिक कृतियों के विरुद्ध लोगों को जागरुक करने में स्वामी इंद्रवेश का उल्लेखनीय योगदान रहा है। स्वामी इंद्रवेश का जन्म 13 मार्च सन 1937 को रोहतक जिले के गांव सुड़ाना में हुआ था।
  6. जे.पी. कौशिक – श्री कोशिक रोहतक के डेयरी मोहल्ला में पैदा हुए। संगीत में इनका बचपन से लगाव था। हरियाणा की सबसे अधिक हिट हरियाणवी फिल्म चंद्रावल का संगीत भी इन्होंने ही दिया था। इसके अलावा अमिताभ बच्चन के करियर की सबसे पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी में भी इन्होंने संगीत निर्देशन के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा मुंबई रात की बाहों में बहुरानी व अनेक हरियाणवी फिल्मों में भी उन्होंने अपने संगीत का निर्देशन दिया हुआ है।
  7. नसीब सिंह कुंडू – यह रोहतक के टीटोली गांव से हैं। इन्होंने चंद्रावल फिल्म में रुंडा की भूमिका निभाई है। साक्षी मलिक – इनका जन्म 3 सितंबर 1992 को रोहतक के मोखरा गांव में हुआ। इनके पिता का नाम सुखवीर सिंह व माता का नाम सुदेश मलिक है। इनके कोच का नाम ईश्वर दहिया है। साक्षी मलिक हरियाणा की पहली रेसलर हैं जिन्होंने 2017 कुश्ती में अर्जुन अवार्ड विजेता है। 2016 में रियो ओलंपिक में कांस्य पदक भी इन्होंने जीता था। इन्होंने 2018 CWC गोल्ड कोस्ट में कांस्य पदक भी जीता है।
  8. पंडित नेकीराम शर्मा –
    इनका जन्म 4 सितंबर 1887 को उस समय रोहतक के कैलंगा गांव में हुआ। जो वर्तमान में भिवानी के अंतर्गत आता है। शर्मा जी होमरूल लीग में हरियाणा के प्रमुख नेता थे। हरियाणा में होमरूल लीग के असफल होने पर यह तिलक को बुलाने पूना चले गए थे। प्रथम विश्व युद्ध में (1914-18) ब्रिटिश सेना ने सेन्य भर्ती अभियान चलाया था। जिसका विरोध पंडित नेकीराम शर्मा ने किया था। ईन्होंने सन 1930 के आसपास भिवानी से संदेश नामक साप्ताहिक पत्र भी निकाला। ईनका एक मुख्य कथन “मुझे तो संपूर्ण भारत की भूमि चाहिए” काफी प्रसिद्ध है। ईनकी मृत्यु 8 जून 1956 को हुई।
  1. छोटू राम – इनका वास्तविक नाम रिछपाल है। इनका जन्म 24 नवंबर 1888 को रोहतक के गढी सांपला नामक गांव में हुआ। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से वकालत की पढ़ाई पूरी की। इन्होंने 1916 में “जाट उई” नामक सप्ताहिक समाचार पत्र निकाला।
    सर छोटूराम की प्रमुख उपलब्धियां-
    1923 में फैजल हुसैन के साथ मिलकर इन्होंने यूनियनिस्ट पार्टी बनाई।
    1924 में जमीदारी लीग की स्थापना की।
    1937 में सर की उपाधि धारण की।
    1938 में किसानों के अनाज बिक्री हेतु मार्केटिंग बोर्ड का गठन किया।
    बाखड़ा डैम के वास्तुकार भी सर छोटूराम ही हैं।
    इन्होंने 1920 में “दा करीसिस ऑफ इंडिया” नामक पुस्तक भी लिखी।
    इनकी मृत्यु 9 जनवरी 1945 को लाहौर में हुई।
  2. मातूराम – इनका जन्म 1866 को सांघी गांव में हुआ। यह चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा के पिता हैं। इनकी मृत्यु 14 जुलाई 1942 को हुई।
  3. दीपेंद्र हुड्डा – वर्तमान में यह रोहतक लोकसभा से सांसद हैं।
  4. रणदीप हुड्डा – यह भी एक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता हैं। ये रोहतक के जसिया गांव से संबंधित हैं। इनकी पहली फिल्म मानसुन वैडिंग है।
  5. लाला सुल्तान सिंह, लाला दौलतराम, बदलूराम, कामरेड लक्ष्मणदास आदि रोहतक के प्रमुख स्वतंत्र सेनानी हैं।
  6. दयानंद मायना – यह पेशे से एक कविताकार हैं लेकिन इनके किस्से सुभाष चंद्र बोस के साथ काफी प्रसिद्ध है।
  7. अमित मलिक – इन्होंने कुश्ती में CWC गोल्ड कोस्ट में 125 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है।
  8. सुभाष घई, अशोक घई व अश्विनी चौधरी – ये प्रसिद निर्माता व निर्देशक हैं।
  9. अनुराधा बेनीवाल – ये महम से संबंधित हैं। इन्होंने “आजादी ब्रांड” नामक कविता लिखी है।
  10. “जाट समाचार पत्र” 1889 में बाबू कन्हैया लाल सिंह के द्वारा गुरुग्राम से निकाला गया था।
  11. लाला चंद्रभान गुप्ता – ये भारत निर्माण सप्ताहिक पत्रिका के संपादक हैं।
  12. मोहित अहलावत – एक कलाकार हैं।
  13. पुजा बत्रा – एक कलाकार हैं।
  • NH 71 अब बदलकर NH 352 हो गया है जो संगरुर-बावल-रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी की तरफ जाता है।
  • NH10 अब बदलकर NH 9 हो गया है जो दिल्ली-फिरोजपुर वाया रोहतक होते हुए जाता है।
No Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हरियाणा GK
चंडीगढ़
Spread the love

Spread the love गुलाब के फूल का सबसे अधिक उत्पादन चंडीगढ़ में होता है। सिर – कैपिटल परिसर (सेक्टर 1)दिल – सिटी सेंटर (सेक्टर 17) नामकरण चंडी मंदिर के नाम पर इसका नाम चंडीगढ़ रखा गया। चंडीगढ़ का इतिहास यहां पर खुले हाथ स्मारक की स्थापना “ली कार्बुजियर” द्वारा सन …

हरियाणा के सभी 22 जिले
अंबाला
Spread the love

Spread the love ईन प्रशनों से रिलेटिड Video आप हमारे YouTube चैनल पर भी देख सकते हैं click here हरियाणा मे आम का सबसे अधिक उत्पादन अंबाला में होता है। मुख्यालय – अंबाला लिंगानुपात – 882/1000 जनसंख्या – 1128350 स्थापना – 1 नवंबर 1966 उप-मंडल – अंबाला, नारायणगढ़, बराड़ा तहसील …

हरियाणा के सभी 22 जिले
हिसार
Spread the love

Spread the love ईन प्रशनों से रिलेटिड Video आप हमारे YouTube चैनल पर भी देख सकते हैं click here हरियाणा के गठन के समय इस में 7 जिले बनाए गए थे। जिसमें सबसे बड़ा हिसार को बनाया गया। हिसार के गठन के समय ईसका क्षेत्रफल 13891 वर्ग किलोमीटर था। जो …

error: Content is protected !!