चरखी दादरी

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हरियाणा का 22वां जिला
स्थापना – 4 दिसंबर 2016

   चरखी दादरी

चरखी दादरी हरियाणा की सबसे बड़ी तहसील है।

चरखी दादरी की स्थापना

  1. 18 सितंबर 2016 को चरखी दादरी जिला बनाने की घोषणा की गई।
  2. 18 अक्टूबर 2016 को हरियाणा कैबिनेट पर मोहर लगी।
  3. 16 नवंबर 2016 को चरखी दादरी को अलग जिला घोषित किया गया।
  4. वैधानिक रूप से चरखी दादरी को 4 दिसंबर 2016 को अलग जिला बनाया गया।

चरखी दादरी का नामकरण

चरखी दादरी का नाम चरखी दादरी रखने के अनेक कारण हैं। जिनमें से कुछ कारण इस प्रकार हैं –

  1. कुछ लोगों का मत है कि चरखी गांव जुड़े होने के कारण इस शहर का नाम चरखी दादरी रखा गया है।
  2. एक अन्य लोक कथा के अनुसार इस नगर के नाम की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द दादुर से मानी जाती है। दादुर का अर्थ है – मैंढक
  3. ईस नगर की स्थापना से पूर्व यहां एक विशाल झील थी और उसमें बहुत अधिक दादुर (मैंढक) रहते थे। कालांतर में यह दादुर से चेंज हो कर दादरी हो गया। अतः इस जगह का नाम दादरी पड़ गया।
  4. सन 1839 में सेठ रामकृष्ण डालमिया ने चरखी दादरी में एक सीमेंट फैक्ट्री स्थापित कर महाराजा जींद से चरखी दादरी का नाम बदलवाकर डालमिया दादरी करवा दिया था।
  5. यहां पर 1939 में रामकिशन डालमिया के द्वारा‌ जर्मन के सहयोग से सीमेंट फैक्ट्री का निर्माण किया गया। 23 जून 1981 को सी.सी.आई. द्वारा इसका अधिगहरण कर लिया गया। 1996 में घाटे के कारण इसे बंद कर दिया गया।
  6. 1958 से पहले चरखी दादरी का नाम डालमिया दादरी था। 1958 मे लोकसभा सांसद रामकिशन ने इस मुद्दे को संसद में उठाया और उनकी यह मांग सफल रही। तब इसका नाम बदलकर चरखी दादरी कर दिया गया।
  7. जिसकी घोषणा तत्कालिक केंद्रीय रेल मंत्री शाहनवाज खाँ ने ईस क्षेत्र के दौरे के दौरान की थी। जो सीमेंट फैक्ट्री कभी चरखी दादरी की पहचान हुआ करती थी, बाद में उसका अधिग्रहण सी.सी.आई मे कर लिया गया। किंतु यह विशाल सीमेंट फैक्ट्री अब बंद हो चुकी है।

चरखी दादरी का इतिहास

  1. चरखी दादरी को अलग से जिला बनाने के लिए हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी जिसके अध्यक्ष कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ थे।
  2. चरखी दादरी को अलग से जिले बनाने की घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के द्वारा एक रैली के दौरान की गई थी।
  3. सन 1857 में जींद के राजा ने अंग्रेजों की भरपूर मदद की थी, इसलिए 1858 में दादरी को उन्हे इनाम के रूप में दे दिया गया। ईसी कारण सन 1864 में दादरी की जनता ने राजा के खिलाफ विद्रोह कर दिया था।
  4. चरखी दादरी हरियाणा के दक्षिणी भाग में स्थित है और यह हमारे देश की राजधानी दिल्ली से 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  5. यह दिल्ली से रेलवे तथा सड़क दोनों संचार साधनों से जुड़ा हुआ है।
  6. रोहतक के बाद चरखी दादरी हरियाणा का दूसरा ऐसा जिला बन गया है जिसकी सीमा हमारे देश के किसी भी राज्य से नहीं लगती है।
  7. पूर्व सांसद स्वर्गीय राम किशन गुप्ता ने चरखी दादरी में एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की थी।
  8. चरखी दादरी में कंप्यूटर प्रबंधक के लिए केदारनाथ अग्रवाल इंस्टिट्यूट, JVMGRR संस्थान सहित अन्य कई शिक्षण संस्थाएं स्थापित की गई हैं। चरखी दादरी में ए.पी.जे स्कूल, डी.आर. आदर्श विद्या मंदिर, वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित बहुत सारे अच्छे शिक्षण संस्थान भी स्थित हैं।
  9. चंद्रावती हरियाणा की एक प्रमुख अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। इनका जन्म सन 1928 को चरखी दादरी के दालावास गांव में हुआ था।

चरखी दादरी के मुख्य पर्यटन स्थल

  1. चरखी दादरी के नजदीक कपूरी की पहाड़ी भी एक काफी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। जहां पर एक शिव मंदिर और एक आश्रम स्थित है।
  2. यहां पर डेरंगो नामक पर्यटक स्थल भी स्थित है।
  3. रेस्ट हाउस – दादरी

चरखी दादरी के प्रमुख संस्थान

  1. केदारनाथ अग्रवाल इंस्टीट्यूट – चरखी दादरी
  2. JVMGRR इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन वहीं पर स्थित है।

चरखी दादरी के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल

  1. रंगीला हनुमान मंदिर – दादरी
  2. इमलोटा – इमलोटा में फाल्गुन मास की दशमी को हनुमान जी का मेला लगता है। जिसमें आस-पास के गांवों के लोग यहां पर दर्शन करने पहुंचते हैं।
  3. रमणीक डेरे – दादरी शहर के आस-पास भी अनेक साधु संतों ने रमणी के डेरे एवं धार्मिक स्थल हैं । दादरी से 3 किलोमीटर दूर कपूरी पहाड़ी पर बाबा मुखरामनाथ और अन्य संतों की समाधियां स्थापित की गई हैं।
  4. श्यामसर तालाब – जब कौरव व पांडव के बीच युद्ध के लिए जमावड़ा हुआ तो पांडव सेना ने श्यामसर तालाब के नजदीक एक शिविर लगाया।

चरखी दादरी की कुछ महत्वपूर्ण खास बातें

  1. चिड़िया व बाढड़ा यहां के प्रमुख नगर हैं।
  2. चरखी दादरी में 174 गांव शामिल किए गए हैं।
  3. 1992 में यहां पर पर्यावरण समिति की स्थापना की गई।
  4. दादरी के क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियां स्थित हैं।
  5. 1943 में यहां पर जींद प्रजामंडल की स्थापना बनारसी दास गुप्ता के द्वारा की गई।
  6. चरखी दादरी के रानिला से जैन धर्म की प्राचीन मूर्तियां मिली हैं।
  7. 1857 की क्रांति में दादरी का नेतृत्व अब्दुस्समद व बहादुर ने किया।
  8. सन 1960 में रामकृष्ण गुप्ता ने दादरी में गांधी मेमोरियल एजुकेशन सोसायटी की स्थापना की।
  9. यह हरियाणा का दूसरा ऐसा जिला है जिसमें 2 विधानसभा क्षेत्र हैं। – चरखी दादरी व बाढडा
  10. पीर मुबारक शाह की दरगाह चरखी दादरी के कलियाणा गांव में स्थित है और चरखी दादरी के कल्याणा गांव में ही हरियाणा राज्य में मिलने वाला एकमात्र हिलना पत्थर भी पाया जाता है। इसको सांग-ए-लर्जा व नृत्य पत्थर भी कहा जाता है। यह भारत के अलावा ब्राजील व अमेरिका में पाया जाता है।
  11. 12 नवंबर सन 1996 को चरखी दादरी में भयंकर विमान दुर्घटना हुई। यह विमान फोगाट गांव में गिरा। इस विमान दुर्घटना में सऊदी अरब के 47 और कजाकिस्तान के 76 लोगों समेत टोटल 349 यात्री मारे गए।

चरखी दादरी के प्रमुख मेले

  1. बाबा हरिहर का मेला – हिण्डोला
  2. बाबा गुलाबी गिरी का मेला – सावड
  3. स्वामी दयाल का मेला – चरखी दादरी
  4. गुरु नानक सत्संग भवन – चरखी दादरी

चरखी दादरी से संबंधित कुछ प्रमुख खिलाड़ी

  • गीता फोगाट
  • बबीता फोगाट
  • प्रियंका फोगाट
  • रितु फोगाट
  • विनेश फोगाट
  • संगीता फोगाट
  • यह सभी चरखी दादरी के बलाली नामक गांव से संबंधित है और इन सभी को महावीर फौगाट के द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।
  1. गीता फोगाट कुश्ती की एक फ्रीस्टाइल पहलवान है। उन्होंने सन 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल जीता हुआ है। इन्हीं की बहन का नाम बबीता फोगाट है। यह भी एक रेसलर हैं।
  2. गीता और बबीता फोगाट के ऊपर आधारित आमिर खान की प्रसिद्ध फिल्म दंगल भी बनाई गई है। जिसमें इन दोनों बहनों के जीवन को काफी अच्छे से फिल्माया गया है। गीता फोगाट के पिताजी का नाम महावीर फोगाट है। इन्हीं के द्वारा ही इन्होंने रेसलिंग का प्रशिक्षण लिया है। गोल्ड मेडल जीतने के बाद गीता फोगाट को हरियाणा पुलिस के अंदर डी.एस.पी के पद पर नियुक्त किया गया है।
  3. रामलाल भी चरखी दादरी के एक प्रसिद्ध पर्वतारोही हैं। जिन्हें हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।
  4. लीलाराम – यह मंदोला से संबंधित है। इन्होंने कॉमनवेल्थ गेम में कुश्ती में स्वर्ण पदक जीता हुआ है।
  5. राजकुमार सांगवान – यह एक बॉक्सर है।
  6. उमेद सिंह – यह एक बॉक्सर हैं।
  7. कविता चहल – यह नीमडी गांव से संबंधित हैं। इन्होंने दो बार स्वर्ण पदक जीता हुआ है। सन 2013 में नॉर्थ आयरलैंड व सन 2017 में वर्ल्ड पुलिस गेम्स में। 2013 में इनको अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
  8. हुकुम चंद – ये हरियाणा के भूतपूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
  9. गिरवर सिंह – ये एक बॉक्सर हैं।

Thanku so much shweta ji, bs aap kamko ase hi suport krte rahen. Hm aage bhi asi achi-achi information aapke liye laate rahenge.

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