भिवानी

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हरियाणा की काशी
स्थापना – 22 दिसंबर 1972

              हरियाणा का लौह पुरुष – बंसीलाल

  • क्षेत्रफल – 4778 वर्ग किलोमीटर
  • प्रमुख नगर – भिवानी, बवानी खेड़ा, तोशाम, लोहारू, सिवानी
  • लिंग अनुपात – 886
  • साक्षरता दर –21%

नामकरण

  • भिवानी का पूर्व नाम भानीग्राम, भिआनी, भियानी, भिवाणी आदि होते थे लेकिन कालांतर में ये चेंज हो कर भिवानी बन गया।
  • भिवानी को राजपूत शासक ने अपनी पत्नी भानी के नाम पर बसाया था। पहले इसको बानीग्राम कहते थे, जो बिगड़ते -बिगड़ते भयानी से भिवानी हो गया।
ऋषियों का शहर – महेंद्रगढ़
गुरुद्वारों का शहर – कैथल

भिवानी को अन्य कई नाम से जाना जाता है।

  1. सिटी ऑफ वार हीरोज
  2. धर्मार्थ न्यासों का शहर
  3. मिनी क्यूबा
  4. बॉक्सिंग का पावर हाउस
  5. हरियाणा की खेल नगरी
  6. मंदिरों का नगर
  7. हरियाणा की काशी
हरियाणा की छोटी काशी कैथल को कहा जाता है।

भिवानी का इतिहास

  1. 22 दिसंबर 1972 को हरियाणा में 2 जिले बनाए गए भिवानी व सोनीपत।
  2. भिवानी को हिसार व महेंद्रगढ़ से अलग करके बनाया गया।
  3. भिवानी जिले का वर्णन हमें आईने अकबरी में भी मिलता है।
  4. हिसार जिले के गजेटियर में भिवानी को प्राचीन काल से व्यापार का सुप्रसिद्ध केंद्र बताया गया है।
  5. सन 1922 में भिवानी के बहुत सारे युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था। जिसके कारण वे जेल गए। इनमें नेकीराम शर्मा, उमादत्त शर्मा, डॉक्टर दीवानंद, पंडित राम कुमार आदि प्रसिद्ध है।
  6. 1714 तक भिवानी में पंचायती राज था और दिल्ली के बादशाहों के अधीन था तथा नाम मात्र का ही लगान दिया जाता था। दिल्ली तख्त के बादशाह के प्रतीनिधि सेठ सीताराम, भिवानी आए और उन्होंने बताया कि बादशाह ने एक लाख रूपय लगान के रूप में मंगवाए हैं इस पर दानवीर सेठ श्रीराम ने 75 हजार रूपय व भिवानी की जनता ने 25 हजार रूपय दिए तब जाकर भिवानी की रक्षा हो पाई।
  7. 1919 में पंडित नेकीराम ने भिवानी में कांग्रेस की स्थापना कि। 1920 में इन नेताओं के प्रयासों से एक कांफ्रेंस बुलाई गई जिसमें महात्मा गांधी, अली बंदु, आसफ अली, लाला लाजपतराय जैसे सैकड़ों नेता भिवानी आए।
  8. 16 फरवरी 1921 को फिर दोबारा से कांफ्रेंस बुलाई गई जिसमें 20 हजार लोगों ने भाग लिया। जिसमें सरदार पटेल व सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने भी भाग लिया।
  9. बीकानेर रेलवे लाइन निकलने से पहले भिवानी शहर राजपूताने का मुख्य व्यापारिक केंद्र माना जाता था।
  10. अमृतसर के पश्चात यह कपड़े की सबसे बड़ी मंडी था।
  11. भिवानी रेल मार्ग से, दिल्ली, मथुरा, जयपुर, फिरोजपुर, चंडीगढ़, अमृतसर, हिसार आदि नगरों से जुड़ा हुआ है।
  12. भिवानी में स्टार स्मारक दिनोद गांव में स्थित है जिसमें ताराचंद महाराज की कब्र है।
  13. अंग्रेजों द्वारा गौ हत्या पर प्रतिबंध – मेरठ में पहली बार अंग्रेजो के खिलाफ 1857 में क्रांति हुई थी। उस समय सेठ नंदराम ने हिसार और रोहतक के अंग्रेजों को अपने कटले में छिपाकर क्रांतिकारियों के द्वारा मौत के घाट उतारने से बचा लिया था। तब अंग्रेजों ने खुश होकर नगर सेट लाल नंदराम की मांग के अनुसार किसी भी पशु और पक्षी का शिकार करना और गौहत्या पर सदा सदा के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।
  14. सन 1928 के बारदोली सत्याग्रह में भिवानी के बहुत से नौजवान जेल गए थे। इनमें प्रमुख रूप से पंडित नेकीराम शर्मा, पंडित उमादत्त शर्मा, पंडित राम कुमार और सेठ गोकलचंद आर्य प्रमुख थे।
  15. सेठ छाजू राम ने अपनी सुपुत्री कमला देवी की पुंय स्मृति मे लेडी हेली हॉस्पिटल की स्थापना की थी। इसकी प्रथम मुख्य चिकित्सक हिंद केसरी लेडी डॉक्टर सपरे थी। इसके बाद मिस मैरीयम ने एक अस्पताल की स्थापना की। जिसका नाम फेरर हॉस्पिटल रखा गया।
  16. भिवानी की 2 प्राचीन मिलें टी.आई.टी और पंजाब क्लोथ मिल सारे देश में प्रसिद्ध है। नायलोन निवार तथा धागे के निर्माण में भी भिवानी उत्कृष्ट भूमिका निभाता है।
  17. पंडित दीनदयाल शर्मा के द्वारा सन 1957 में श्री सनातन धर्म संस्कृत पाठशाला की स्थापना की गई थी।
  18. पंडित सीताराम शास्त्री द्वारा सन 1968 में ब्रह्मचार्य आश्रम की स्थापना की गई थी।
  19. किशन लाल ने यहां पर नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की थी जो बाद में संचालकों के द्वारा हरियाणा के चिकित्सा विभाग को समर्पित कर दिया गया था।
  20. रायबहादुर ताराचंद घनश्याम ने सन 1910 में पशुओं के अस्पताल के लिए घंटाघर के पास एक बड़ा भूखंड पशुओं के अस्पताल के लिए समर्पित किया था।

 भिवानी में सर्वप्रथम

  • हरियाणा का पहला ग्रामीण बैंक भिवानी मे 2 अक्टूबर 1975 को खोला गया।

भिवानी के मुख्य स्थल

  1. लुहारू – लोहारू को पहले रियासत का दर्जा प्राप्त था। इस रियासत में 75 गांव थे। यहां का शासक मुगलिया खानदान का नवाब था। इस नगर को बसाने वाले राव नहरदास जयपुर घराने के रहने वाले थे। पहले इसका नाम लोहारूप रखा गया था। कालांतर में इसके नाम का अंतिम अक्षर प लुप्त हो गया और यह नाम लोहारू के रूप में विख्यात हुआ।
  2. लोहारू का किला – लोहारू के दुर्ग का निर्माण जयपुर राजा के एक सामंत अर्जुन देव ने सन् 1570 ईस्वी में करवाया था।
  3. सिवानी – बादशाह अकबर के समय दिल्ली सुबे में 8 सरकारें थी। जिनमें हिसार-ए-फिरोजा एक सरकार थी। जिसके तहत 27 महल आते थे। जिसमें सिवानी एक मुख्य परगना था। यह गांव हिसार से 32 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। सिवानी को मंडी के नाम से भी जाना जाता है।
  4. लोहाण – लोहाण को पहले रियासत का दर्जा प्राप्त था। इसमें 75 गांव लगते थे। यह कस्बा पहले बावन के नाम से प्रसिद्ध था।
  5. तोशाम – तोशाम में पानी के 8 कुंड हैं जिसमें पंचतीर्थ अति सुंदर कुंड है जिसे पांडव तिर्थ भी कहते हैं। पांडवों ने यहां पर अज्ञातवास के दौरान 13 दिन बिताए थे। तोशाम की बिरादरी को पृथ्वीराज की कचरी भी कहते हैं। तोशाम में हरियाणा का सबसे अधिक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर विष्णु भगवान को समर्पित है।
  6. धनाना – ऐसा माना जाता है कि यहां पर शीतला माता प्रकट हुई थी, जिसे मोटी माता के नाम से भी पुकारा जाता है और इनके नाम से यहां पर मेला भी लगता।
  7. मिताथल – यहां से कुषाण कालीन मुद्राएं व समुद्रगुप्त के सिक्के प्राप्त हुए हैं।
  8. नौरंगाबाद – यहां से चौधेय गणराज्य की मोहरें प्राप्त हुई हैं।
  9. राधाकृष्ण वर्मा – इन्होंने 1920 में भिवानी में नौजवान भारत सभा की स्थापना की

भिवानी के मुख्य पर्यटन स्थल

  1. बैया पर्यटक केंद्र – भिवानी नगर में पर्यटन विभाग के द्वारा लोक निर्माण विश्रामगृह के साथ बैया नाम से एक होटल तथा रेस्टोरेंट यहां पर स्थापित किया गया है।
  2. तोशाम की बारादरी – भिवानी जिले में तोशाम नामक पहाड़ी पर बरादरी स्थित है। इस बरादरी के निर्माण में चुने और छोटी ईंटो का प्रयोग किया गया है। इसमें 12 द्वारों का निर्माण ईस प्रकार से किया गया है कि केंद्रीय कक्ष में बैठा हुआ व्यक्ति चारों तरफ आसानी से देख सकता है।
  3. रेड रोबिन – पर्यटक विभाग के द्वारा भिवानी जिले में लोक निर्माण विभाग के द्वारा रेड रोबिन नाम से एक होटल तथा रेस्टोरेंट भी स्थापित किया गया है।
  4. रोहनात का कुआं – यह गांव हंसी के निकट स्थित है, किंतु भिवानी जिले में ही स्थित है। रोहनात गांव में पहले बूरा गोत्र के जाट रहते थे, जिन्होंने सन 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध जबरदस्त विद्रोह किया था। यह गांव शहीद गांव के नाम से जाना जाता है। इस गांव पर अंग्रेजों द्वारा तोपें चलाई गई थी। तब लगभग 20-21 औरतों ने अपने बच्चों सहित इस कुएं में छलांग लगा दी थी। रोहनात गांव का यह कुआं आज भी इस जुल्म की याद दिलाता है।
  5. रेड रोबिन – भिवानी
  6. चिंकारा प्रजनन केंद्र – कैरु

भिवानी के प्रमुख संस्थान

  • हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड – हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की स्थापना 31 जनवरी,1970 को चंडीगढ़ में हुई थी उसके बाद यह बोर्ड नवंबर सन 1980 में भिवानी में स्थानांतरित कर दिया गया था।इस बोर्ड के प्रथम अध्यक्ष बी.एस.आहूजा तथा प्रथम सचिव विश्वनाथ रहे थे।
  • भिवानी टेक्सटाइल मिल की स्थापना 1937 में 34 करोड़ की लागत से की गई। यहां बना कपड़ा विदेशों में भी निर्यात होता है।

भिवानी के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल

  1. अष्ट कुंड एवं पंचतीर्थ – तोशाम की ऐतिहासिक पहाड़ी पर पानी के 8 कुंडों में एक पंचतीर्थ है। जिसे पांडव तीर्थ भी कहा जाता है। बताया जाता है कि जब पांडव अज्ञातवास में थे तो 13 दिन इसी स्थान पर रहे थे। यहां मुख्य पहाड़ी पर जगह-जगह कई कुंड बनाए गए थे, जो कि यहां रहने वाली भिक्षुओं और बाद में तपस्वियों को पीने के लिए पानी प्रदान करते थे।
  2. रंगीशाह मस्जिद – रंगीशाह वाली मस्जिद वास्तुकला के हिसाब से एक दर्शनीय मस्जिद कही जाती है। ईस मस्जिद को छोटी मस्जिद, व्यापारियों वाली मस्जिद और नई मस्जिद के नाम से भी जाना जाता था। ईस मस्जिद में मसाईयों वाली मस्जिद के द्वार काष्ठकला के हिसाब से उत्कृष्ट कहे जा सकते हैं।
  3. गौरी शंकर मंदिर – भिवानी का गौरी शंकर मंदिर अपने रुप व वैभव के लिए काफी प्रसिद्ध है। गौरी शंकर मंदिर भिवानी शहर के बीचो-बीच स्थित है। जिसे किरोड़ीमल मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। क्योकि इस मंदिर का निर्माण भिवानी के सेठ किरोड़ीमल ने ही करवाया था।
  4. परमहंस मंदिर, तिगड़ाना – भिवानी जिले के गांव तिगड़ाना में स्थित बाबा परमहंस के तीन मंदिर स्थित है। बाबा परमहंस ने गांव तिगड़ाना में डेरा डाला था
  5. भूतों का मंदिर – यह मंदिर सन 1919 में भूत वंश के सेठों द्वारा मल्लू वाले तलाब पर स्थापित किया गया था।
  6. पंचमुखी हनुमान मंदिर – पतराम दरवाजे के बाहर बैरागी साधुओं के द्वारा यह मंदिर स्थापित किया गया था।
  7. बाबा मुंगीपा धाम, तोशाम – तोशाम की पहाड़ी पर बना बाबा मुंगीपा धाम बेहद दर्शनीय स्थल है। ईसके बारे मे यह मान्यता है कि बाबा गोपीनाथ अपनी बहन चंद्रावल, मामा भृथरी और गुरु गोरखनाथ के साथ तोशाम की पाहाडी पर आए थे। चंद्रावल मूंगे रंग के वस्त्र धारण करती थी इसलिए इस क्षेत्र के निवासी उन्हें मुंगी मां कहते थे। मुंगी मां के ब्रह्मलीन हो जाने के बाद उनका नाम समय बीतने के साथ-साथ मुंगीपा हो गया और उनकी मंडी यहां पर बना दी गई।
  8. घंटाघर मंदिर
  9. हीरापुरी मंदिर
  10. श्री रंगनाथ मंदिर

भिवानी की कुछ महत्वपूर्ण खास बातें

  1. मां भवानी का मंदिर नजदीकी गांव देवसर में स्थित है।
  2. इस कस्बे को हरियाणा की काशी भी कहा जाता है।
  3. भिवानी का चनाना गांव हरियाणा में स्ट्रौबरी हब है।
  4. भिवानी में 1893 में पहली बार नहर लाई गई थी।
  5. सन 1883 में यहां से रेल यात्रा प्रारंभ हो गई थी।
  6. हरियाणा में भिवानी जिले का जलस्तर सबसे नीचे है।
  7. सन 1933 में भिवानी में वाटर वर्कस स्थापित किया गया था।
  8. भिवानी में ब्रह्मचारी आश्रम की स्थापना पंडित सीताराम शास्त्री के द्वारा 1968 में की गई।
  9. यहां पर सनातन धर्म की स्थापना दीनदयाल शर्मा के द्वारा 1957 में की गई।
  10. गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था सन 1935 में पक्की नालियों के द्वारा की गई थी।
  11. भिवानी के अलखपुर गांव में 8 करोड़ की लागत से फुटबॉल का एस्ट्रोटरफ बनेगा।
  12. भिवानी में पहली बार को-ऑपरेटिव बैंक की स्थापना सन 1992 में लाला उग्रसेन के प्रयासों से की गई।
  13. एशिया नहर भाखड़ा नहर से निकलती है। इस नहर को वीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती नहर
  14. भी कहते हैं जिसकी लंबाई 200 किलोमीटर है।
  15. भिवानी में एक मल्टी इंटेलिजेंस स्कूल डॉक्टर राधाकृष्णन भी स्थापित किया जा रहा है।
  16. यहां पर 1881 में रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। यह रेल लाइन रेवाड़ी से बठिंडा के बीच चलाई गई थी।
  17. भिवानी सिविल अस्पताल का निर्माण चौधरी छोटूराम ने अपनी पुत्री कमला देवी की याद में करवाया। शुरुआत में इसका नाम लेडी हेली अस्पताल था।
  18. भिवानी को धर्मार्थ न्यासों का शहर भी कहा जाता है। इन न्यासों द्वारा अनेक अस्पताल, महाविद्यालय और विद्यालय आज भी चलाए जा रहे हैं।
  19. सन 1992 में उग्रसेन के प्रयासों से भिवानी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की स्थापना की गई थी।
  20. सन 1948 में यहां बड़ा डाकघर भी खोला गया था।
  21. सन 1948 में ही टेलीफोन ऑपरेटर की नियुक्ति की गई थी।
  • पन्नों का वर्गीकरण – भिवानी में कुल 16 पाने तथा 5 बाजार हैं।
  1. लोहड नाम से लोहड बाजार
  2. हालू सिंह के नाम से हालू बाजार
  3. वीरभान के नाम से वीरभान पान्ना
  4. जयंत सिंह के नाम से जीतूपाल जोहड

भिवानी के प्रमुख मेले

  1. शीतला माता मेला, धनाना – धनाना मे प्रति वर्ष चैत्र मास की सप्तमी को शीतला माता (मोटी माता) का मेला लगता है।
  2. देवी मेला, देवसर – भिवानी नगर से 5 किलोमीटर दूर ग्राम देवसर में प्रतिवर्ष चेत्र तथा अश्विन में दो बार देवी का मेला लगता है।
  3. चैत्र मास की सप्तमी का मेला

भिवानी के प्रमुख व्यक्ति

भिवानी 3 मुख्यमंत्रियों की भूमि रह चुका है।

  1. चौधरी बंसीलाल (पूर्व रक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा)
  2. चौधरी हुकम सिंह
  3. बनारसीदास (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा)

चरखी दादरी अलग जिला बनने के बाद भिवानी केवल दो मुख्यमंत्रियों की जन्मभूमि ही रह गया है।

  • बनारसी दास व चौधरी बंसीलाल।
  1. बंसीलाल – बंसीलाल को आधुनिक हरियाणा का निर्माता व लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। बंसीलाल हरियाणा में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और यह हरियाणा की सबसे युवा मुख्यमंत्री भी बने थे।
    1. रक्षा मंत्री – 1975-77
    2. परिवहन मंत्री – 1984
    3. रेल मंत्री – 1985
    4. शराबबंदी – 1996-1998
    5. हरियाणा विकास पार्टी का गठन – 1996
  2. भिवानी का बॉक्सिंग क्लब – यह भिवानी जिले में ही स्थित है। यह क्लब 2008 में चर्चा में आया। इसकी स्थापना जगदीश सिंह के द्वारा की गई लेकिन कप्तान हवा सिंह को ईसका वास्तविक संस्थापक माना जाता है। हवा सिंह ने 2 बार एशियन स्वर्ण पदक तथा 11 बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक जीता हुआ है।
  3. गौरी श्योराण – इन्हें राष्ट्रीय कल्याण विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया
  4. संत निश्चल दास व पंडित माधव प्रसाद मिश्रा भिवानी के कुंगड से संबंधित है।
  5. छजु सेठ – भिवानी
  6. मुंशी राम जोगी – सारंगी वादक
  7. विजेंद्र सिंह – 2008 में ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता, गांव – कालुवास
  8. हरियाणा में अब तक 3 सेना प्रमुख बन चुके हैं जिनमें से 2 का संबंध भिवानी से है।
    1. वी.के. सिंह – सेना जनरल (बापोड़ा)
    2. दीपक कपूर – सेना जनरल (बडेसरा)
    3. दलबीर सिंह सुहाग – सेना जनरल (झज्जर)
  1. निर्मला श्योराण – एथलेटिक्स, लोहारू
  2. सेठ किरोड़ीमल (समाजसेवी)
  3. रणबीर सिंह महेंद्रा (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष)

कुछ अन्य महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल

  1. जाहरवीर गोगा पीर मंदिर, गुडाना कला
  2. पीर मुबारक शाह दरगाह, भिवानी
  3. लोहड पीर मजार
  4. मंदिर सेठ तूहीराम हरनाम दास
  5. श्री राम प्रभु मंदिर
  6. श्री रंगनाथ मंदिर
  7. आलमालों का मंदिर

भिवानी के प्रमुख उद्योग

  1. बिडला टेक्सटाइल मिल्स
  2. चुनार शूटिंग शर्टिंग लिमिटेड
  3. हिंदुस्तान गम एवं केमिकल्स लिमिटेड
  4. भिवानी के तोशाम में सीसा, कलई, टंगस्टन व जस्ता खनिज पदार्थ पाए जाते हैं।
  5. ग्रेनाइट भिवानी के निगाणा, दूल्हेडी व रिवासा में मिलता है।
  6. यहां पर कुछ मात्रा में लोह अयस्क भी मिलता है।

भिवानी जिले से प्रकाशित होने वाले कुछ महत्वपूर्ण पत्र एवं पत्रिकाएं

  1. दैनिक चेतना
  2. हिंदू की ललकार
  3. होम पेज
  4. इवनिंग मेल
  5. शांति हरियाणा
  6. हरियाणा की आवाज
  7. पूर्वी पंजाब
  8. राष्ट्र वैभव
  9. एडवर्ड
  10. पशुपति वज्र
  11. अतुल्य हरियाणा
  12. उपभोक्ता चेतना
  13. युवक संसार
  14. लणिहार
  15. सच्चा धर्म

very nice information, aap aur district pr bi, ase hi explain kre, aapki es app se sabki bhaut help hogi

Thanku so much shweta ji, bs aap kamko ase hi suport krte rahen. Hm aage bhi asi achi-achi information aapke liye laate rahenge.

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