हरियाणा के सभी 22 जिले
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  • हरियाणा मे आम का सबसे अधिक उत्पादन अंबाला में होता है।
    • मुख्यालय – अंबाला
    • लिंगानुपात – 882/1000
    • जनसंख्या – 1128350
    • स्थापना – 1 नवंबर 1966
    • उप-मंडल – अंबाला, नारायणगढ़, बराड़ा
    • तहसील – अंबाला, बराडा, नारायणगढ़,
    • उप-तहसील – अंबाला छावनी, साहा, मुलाना, शाहजहांपुर
    • खंड – अंबाला, अंबाला-II, बराड़ा, नारायणगढ़, सहजादपुर, साहा।
    • विधानसभा क्षेत्र – अंबाला सिटी, अंबाला कैंट, मुलाना, नारायणगढ़।
    • क्षेत्रफल – 1574 वर्ग किलोमीटर (अंबाला की स्थापना के समय इसका क्षेत्रफल 3702 वर्ग किलोमीटर था जो कि अब वर्तमान में बदलकर 1574 वर्ग किलोमीटर हो गया है।)

     

    इतिहास

    अंबाला शहर का नाम अंबाला पडने के कई कारण हैं। जिनमें से कुछ कारण इस प्रकार से है:-

    1. इस नगर की स्थापना 14वीं शताब्दी के अंबा राजपूत के द्वारा की गई थी, जिससे इस शहर का नाम अंबाला पड़ा।
    2. एक अन्य धारणा के अनुसार इस नगर का नाम अंबा भवानी देवी के नाम पर पड़ा था। जिसका मंदिर नगर में अब भी स्थित है।
    3. इस अन्य धारणा यह भी है कि यहां आम की पैदावार अधिक होती है इसलिए इसे अंबवाला कहा जाता था जो अब बिगड़ कर अंबाला बन गया।
    • अंबाला को आर्यों ने अपना स्थाई निवास बनाया था। मध्य काल के दौरान अंबाला का निकटवर्ती स्थान सरूधना देश की राजधानी रहा है। बादशाह अकबर के शासनकाल में अंबाला दिल्ली सुबे की सरहिंद सरकार का एक छोटा सा परगना था। नगर अंबाला एक रियासति मुख्यालय था। ईस रियासत की स्थापना संगतसिंह ने सन 1763 में की थी।
    • 1842 में अंबाला को शिमला के अधीन किया गया था। सन 1843 में करनाल से यह छावनी लाई गई। वायसराय केनिंग ने जनवरी 1860 में यहां पर दरबार लगाया, तब यहां पर डाक की सुविधा शुरू हुई थी। दिल्ली और ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला के रास्ते होने के कारण यह 1880 में अंबाला को रेलवे लाइन से जोड़ा गया था।
    • जिले के रूप में अंबाला का गठन अंग्रेजों के शासनकाल मे 1847 में हुआ था और इस समय इसकी 6 तहसीलें बनाई गई थी। अंबाला, जगाधरी, रोपड़, खरड, नारायणगढ़ और नालागढ़।
    • नालागढ तहसील का हिमाचल प्रदेश में विलय कर दिया गया। इस जिले के दक्षिण में ज़िला कुरुक्षेत्र है और पूर्व में औद्योगिक नगर यमुनानगर है और पश्चिम में पंजाब का पटियाला स्थित है। उत्तर में अरावली की पहाड़ियां और पंचकूला जिला स्थित है। यह जिला राज्य तथा देश की राजधानी के राष्ट्रीय राजमार्ग 1 से जुड़ा हुआ है।
    • सन 1959 में पंजाब प्रशासन के द्वारा बनाए गए जिले एवं मंडल का मुख्यालय बनने के कारण अंबाला प्रसिद्ध हो गया। 1 नवंबर 1989 को अंबाला जिले से जगाधरी उप-मंडल को अलग कर दिया गया। मिक्सी उद्योग और वैज्ञानिक उपकरणों के बल पर भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर अंबाला का एक विशेष स्थान आज भी कायम है। अंबाला मिक्सी ग्राइंडर, वैज्ञानिक उपकरण और इंजीनियरिंग संबंधी उपकरणों का बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए एक औद्योगिक नगर के रूप में जाना जाता है।
    • हरियाणा का यह जिला पंजाब के पटियाला, मोहाली व हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से लगता है।
    • अंबाला छावनी में तैनात हिंदुस्तानी सैनिकों ने 10 मई 1857 को विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया था।
    • अंबाला कैंट उत्तरी भारत का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन भी है।
    • नारायणगढ़ – इस कस्बे को सिरमौर के राजा लक्ष्मी नारायण ने बनवाया था। मुगल साम्राज्य के पतन के पश्चात सिरमौर के राजा ने कुलसन में एक किला बनवाया था और इसका नाम नारायणगढ़ रखा था। इस कारण इस कस्बे का नाम नारायणगढ़ प्रचलित हो गया। 1766 में अहमद शाह अब्दाली ने इस रियासती मुख्यालय पर कब्ज़ा करके मुहम्मद बक्र को सौंप दिया था, जिसने मिर्जा सिंह को इसका प्रबंधन बनाया था। यहां के गांव बनोंदी में स्थापित शुगर मिल से भी इस क्षेत्र के गन्ना किसानो को काफी लाभ प्राप्त हुआ है।
      • नारायणगढ़ सूगर मिल्स अंबाला की बनौदी में स्थित है। जिसकी स्थापना 1996-97 में हुई थी।
    • प्राचीन स्थल सुध – यह प्राकृतिक रूप से बना त्रिकोणीय गढ़ था। जिसके तीनों कोणों पर बड़ी संख्या में प्रक्षेपी नगर या दुर्ग थे। यह व्यापार का बहुत बड़ा केंद्र था। यहां से तोमर और चौहान शासकों के सिक्के खोदकर निकाले गए हैं। 12 वीं शताब्दी के बाद इस शहर का पतन हो गया था। सुध से बारहखड़ी की लिखाई का प्राचीनतम अभिलेख भी प्राप्त हुआ है।

    प्रसिद्ध स्थल

    • प्रमुख नदियां – मारकंडा, टांगरी और घग्घर यहां की प्रमुख नदियां हैं
    • महर्षि मारकंडेश्वर विश्वविद्यालय, मुलाना – महर्षि मार्कंडेश्वर एजुकेशन ट्रस्ट की स्थापना तरसेम कुमार गर्ग के प्रयासों से सन् 1993 में हुई थी। ईस ट्रस्ट के द्वारा सन 1995 में एम. एम. इंजीनियरिंग कॉलेज भी प्रारंभ किया गया था। वर्ष 2007 में इस संस्थान में महर्षि मारकंडेश्वर विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त किया था। यह राज्य का प्रथम स्वपोषित विश्वविद्यालय है।
    • गुरुद्वारा लखनौर साहिब – अंबाला-सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी की माता का जन्म स्थान होने के कारण इस गांव को गुरु गोविंद सिंह का ननिहाल होने का गौरव प्राप्त है। लखनौर साहिब का प्राचीन नाम लखनावती, लखनपुर और लखनौती इत्यादि के रूप में दर्ज है।
    • अंबिका देवी मंदिर – अंबाला शहर के मंदिरों में अंबिका देवी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि द्वापर में कौरवों और पांडवों के समय अंबा, अंबिका और अंबालिका की याद में मां भवानी का यह मंदिर बनवाया गया था।
    • दरगाह नौगजा पीर – अंबाला-शाहबाद मार्ग पर अंबाला से 12 किलोमीटर दूर स्थित बाबा नौगजा पीर की दरगाह एक दर्शनीय स्थल है।
    • सेंट पॉल चर्च – इस चर्च का निर्माण जनवरी 1857 मे हुआ था, जो भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान 1965 में नष्ट हो गया था। सेंट पॉल चर्च अर्धगोथिक शैली से निर्मित है।
    • किंग फिशर – दिल्ली-अंबाला-अमृतसर हाईवे पर स्थित किंगफिशर एक बहुत ही आकर्षक और सुंदर पर्यटक स्थल है। यह ब्रिटिश राज में घुडसवाल और कैंट एरिया हुआ करता था।
    1. यूरोपियन सिमेट्री भी अंबाला में स्थित है।
    2. सिलाई मशीन का उद्योगभी अंबाला में स्थित है।
    3. हरियाणा में सबसे अधिक नगर अंबाला में ही हैं।
    4. हरियाणा में सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन अंबाला ही है।
    5. अंबाला को Twin सिटी के नाम से भी जाना जाता है।
    6. सूर्यकुंड गुरुद्वारा व गुरुद्वारा मंजी साहिब अंबाला में स्थित हैं।
    7. अंबाला में लोकसभा सीट रिजर्व हैं वर्तमान में जिसके सांसद  रतनलाल हैं।
    8. हरियाणा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में वैज्ञानिक उपकरणों का 20% निर्यात अकेले अंबाला के द्वारा ही किया जाता है।
    9. अंबाला को साइंटिफिक सिटी, मिक्सी सिटी और वैज्ञानिक उपकरणों की नगरी के नाम से भी जाना जाता है।
    10. हरियाणा मे आम का सबसे अधिक उत्पादन अंबाला में होता है। आमों का मेला पिंजौर में लगता है।
      1. लहसुन – करनाल
      2. हल्दी – यमुनानगर
    11. अगर बात की जाए देशों की तो सबसे अधिक फल चीन में उसके बाद भारत में होते हैं।
    12. फलों का राजा आम को और फलों की रानी लीची को कहा जाता है।
    13. हरियाणा में पक्की सड़कों का सबसे अधिक घनत्व अंबाला में ही है और अगर बात की जाए भारत की तो भारत में सबसे अधिक सड़कों का घनत्व महाराष्ट्र में है।
    14. अंबाला कैंट उत्तर भारत की प्रमुख छावनी है। जिसकी स्थापना 1843 में की गई थी।
    15. हरियाणा में पहला डाकघर 1860 में अंबाला मे ही खोला गया।
    16. अंबाला के उत्तर पूर्व में स्थित शिवालिक श्रेणीयां अंबाला की प्रमुख पर्वत माला हैं।
    17. नंगल उत्थान सिंचाई परियोजना अंबाला में स्थित है।
    18. श्री दीवान कृष्ण किशोर सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय भी यहीं पर स्थित है।
    19. सन 1857 के शहीदों के सम्मान के लिए 22 एकड़ में स्मारक स्थल भी अंबाला में ही बनाया जाएगा।
    20. वर्ष 1956 में आत्माराम जयन ने ही अंबाला से विजयानंद नामक मासिक पत्र निकाला था।
    21. हरियाणा में सबसे सस्ता भोजन योजना भी अंबाला से ही शुरू की गई है। (14 जनवरी 2018)
      1. भारत में सबसे पहले सस्ता भोजन योजना तमिलनाडु से शुरू की गई है। जहां पर ₹10 में भरपेट भोजन दिया जाता है। जिसका समय 10:00 बजे से 2:00 बजे तक का है।
    22. अंबाला में स्थित नगर सरुधना कभी मध्यकाल के दौरान देश की राजधानी भी हुआ करता था।

    अंबाला के प्रमुख व्यक्ति 

    • जूही चावला – यह एक फिल्म अभिनेत्री हैं।
    • ओमवीर – यह एक फिल्म अभिनेता हैं। इनका जन्म 8 अक्टूबर 1952 को हुआ था और ईनकी मृत्यु 6 जनवरी 2017 को हुई।
    • जोहराबाई – यह एक प्रसिद्ध गजल गायिका हैं।
    • परिणीति चोपड़ा – यह एक फिल्म अभिनेत्री हैं।
    • भगवतीदास – यह एक प्रसिद्ध जैन साहित्यकार हैं। सुषमा स्वराज – यह एक राजनीतिक है। यह वर्तमान में भारत की विदेश मंत्री हैं।
    • विशंभर नाथ कौशिक – इनके द्वारा दुबे की चिड़िया नामक प्रसिद्ध हास्य व्यंग लिखा गया है।
    • दूसरे विश्व युद्ध से पहले यहां का शीशा उद्योग भी काफी प्रसिद्ध था।
    • नाथूराम गोडसे को अंबाला जेल में ही फांसी दी गई थी। जिनका वास्तविक नाम विनायक दामोदर था। इनका बचपन एक लड़की की तरह कटा था।
    • अब्दुल गफ्फार खान – लोहा गांव से संबंधित है। ईनका जन्म 1888 में हुआ था और उनकी मृत्यु 16 जून 1976 को हुई थी।
    • काशीराम जोश – ये मारोली गांव से संबंधित है। इनका जन्म 14 अक्टूबर 1883 को हुआ था। और इनकी मृत्यु 27 मार्च 1915 को फांसी देकर हुई थी।

     

    अंबाला के प्रमुख मेले 

    • वामन द्वादशी का मेला – अंबाला
    • तीज का मेला – पंजा खेडा
    • शारदा देवी का मेला – त्रिलओक
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