हरियाणा के सभी 22 जिले
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हरियाणा के गठन के समय इस में 7 जिले बनाए गए थे। जिसमें सबसे बड़ा हिसार को बनाया गया। हिसार के गठन के समय ईसका क्षेत्रफल 13891 वर्ग किलोमीटर था। जो कि वर्तमान में 3983 वर्ग किलोमीटर है।

  • मुख्यालय – हिसार
  • उप-मंडल – हिसार, हांसी, बरवाला।
  • तहसील – हिसार, आदमपुर, हांसी, नारनौंद, बरवाला।
  • उप-तहसील – उकलाना मंडी, बालसमंद, बास।
  • खंड – आदमपुर, बरवाला, बास, हांसी प्रथम, हांसी द्वितीय।
  • प्रमुख उद्योग – कपास छटाई, हैंडलूम, वस्त्र, कृषि यंत्र व सिलाई मशीन।
  • जनसंख्या – 1742815
  • विकास दर –45%
  • साक्षरता दर 89%
  • लिंग अनुपात – 872 महिलाएं/1000 पुरुष

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि हिसार का नामकरण पाणिनी नामक ऋषि ने अपने ग्रंथ अष्टाध्याई के अंदर किया है। पानी द्वारा लिखी गई है पुस्तक संस्कृत भाषा में लिखी गई है।

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि हिसार को पहले लारालाल व लारा खुर्द के नाम से जाना जाता था जो कि दूध के लिए प्रसिद्ध था।

  • गुलाना मंडी (उकलाना) – अपने इलाके की देसी घी की सबसे पुरानी मंडी भी है। यहां की मार्बल चाय, चाय उद्योगों में एक प्रसिद्ध नाम है। उकलाना से देश के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी संबंधी रहे हैं।
  • हिसार को इस्पात नगरी, स्टील सिटी और मैग्नेट सिटी के नाम से भी जाना जाता है।
  • हिसार भारत का सबसे बड़ा जस्ती लोहा उत्पादक है।
  • एशिया का सबसे बड़ा पशु फार्म हिसार में ही स्थित है।
  • एशिया की सबसे बड़ी ऑटो मार्केट भी हिसार में स्थित है।
  • हरियाणा में सबसे अधिक गर्मी हिसार में पड़ती है।
  • एशिया की सबसे बड़ी इस्पात इंडस्ट्री हिसार में है जिसके हेड नवीन जिंदल हैं। यह कांग्रेस के पूर्व सांसद ओ.पी जिंदल के पुत्र हैं।
  • हिसार में मुख्य रूप से शोरा खनिज पाया जाता है।
  • हिसार में कैंट की स्थापना 15 नवंबर सन 1982 को की गई थी।
  • मौर्य कालीन स्तुति और अवशेष भी हिसार से प्राप्त हुए हैं।

इतिहास

  • हिसार नगर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 09 पर स्थित है। (NH – 10 बदल कर NH – 9) इस नगर की स्थापना सन् 1354 ईसवी में तुगलक वंश के सुल्तान फिरोजशाह तुगलक के द्वारा की गई थी। इस बादशाह द्वारा एक किला बनाया गया था जिसके चार द्वार थे। जिन्हें दिल्ली गेट, मोरी गेट, नागोरी गेट और तलाकी गेट कहा जाता था। प्रारंभ में इसका नाम हिसार-ए-फिरोज था। हिसार फारसी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है दुर्ग अथवा किला। अतः हिसार-ए-फिरोज का अर्थ है- फिरोज का दुर्ग। कालाअंतर में हिसार-ए-फिरोज को हिसार के नाम से पुकारा जाने लगा। कहा जाता है कि एक गुजरी के लिए फिरोजशाह ने गुजरी महल बनवाया था जो आज भी विद्यमान है।
  • सन 1818 में कांग्रेस के इलाहाबाद अधिवेशन में पंजाब केसरी लाला लाजपत राय हिसार से प्रतिनिधि बन कर गए थे। अंग्रेजों के आगमन से पूर्व जॉर्ज थॉमस ने हिसार में एक पुराने जैन मंदिर को अपने रहने का स्थान बनाया और बाद में वहां मस्जिद बना दी गई। आज उसके निवास को ही जहाज कोठी कहा जाता है। आज हिसार नगर उद्योगिक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति के कारण उत्तर भारत का स्टील सिटी माना जाता हैा स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इस नगर में स्थापित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने देश में हरित क्रांति लाने में विशेष योगदान दिया।
  • सन 1809 में यहां पर कैटल फार्म की स्थापना की गई। हिसार क्षेत्र में स्थापित पशुपालन के विभिन्न संस्थानों के कारण यह नगर विश्व भर में पशुधन का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
  • यहां एक बड़ी छावनी भी है।
  • हिसार से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अगरोहा नामक कस्बा आज से लगभग 3000 साल पूर्व महाराजा अग्रसेन का राज्य था। अगरोहा में महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद इस शहर का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है।
  • प्राचीन स्थल राखीगढ़ी व सीसवाल हिसार में चौटांग नदी के किनारे बसा है।
  • चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय:- ईस विश्वविद्यालय की स्थापना 2 फरवरी सन 1970 में की गई। ईस विश्वविद्यालय का नाम देश के 7वें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखा गया है। जिनकी समाधि स्थल किसान घाट है। यह विश्वविधालय प्रारंभ में पंजाब के अधीन था। सन 1970 में इस विश्वविद्यालय ने धान पर शोध कार्य शुरू किया था। वर्ष 1997 में इस विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान के द्वारा पुरस्कृत किया गया है। इसी विश्वविद्यालय में देश का पहला विज्ञान केंद्र भी खोला जा रहा है। जिसका नाम डॉक्टर ए.पी.जे अब्दुल कलाम केंद्र होगा। भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय में भारत के सबसे बड़े खेल प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण भी किया जा रहा है।
  • विद्या देवी जिंदल स्कूल:- विद्या देवी जिंदल स्कूल छात्रा शिक्षा के लिए उत्तरी भारत का एक विशिष्ट विद्यालय है। जिसकी स्थापना जुलाई सन् 1984 में विख्यात उद्योगपति सांसद एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश जिंदल ने की थी।
  • लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय की स्थापना भी सन् 2010 में हिसार में की गई।
  • गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी:- गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना 20 अक्टूबर सन 1995 में हरियाणा राज्य विधानसभा द्वारा एक एक्ट के तहत की गई। औपचारिक रूप से इसका उद्घाटन 1 नवंबर 1995 को किया गया। जिसका उद्घाटन उस समय के मुख्यमंत्री भजन लाल ने किया था। ईस विश्वविद्यालय का नामकरण 15वीं शताब्दी के महान पर्यावरणविद् गुरु जंभेश्वर महाराज के नाम पर किया गया। 17 मार्च सन 2006 को इसका नाम गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रखा गया।

 प्रमुख पर्यटन स्थल

गुजरी महल :- गुजरी महल फिरोज शाह तुगलक द्वारा निर्मित किले का हिस्सा है। कहा जाता है कि शिकार के समय एक रुपसी गुजरी लड़की से सुलताना फिरोजशाह तुगलक के हृदय में प्रेम भाव उत्पन्न हो गया था। गुजरी के अनुरोध पर सुल्तान ने उसके लिए किले से बाहर महल बनवाया था। यह किला संत 1356 ईस्वी में पूर्ण हो गया था। यहां पर एक भूल भुलैया भी स्थित है।

  • ब्लैक बर्ड – हांसी
  • ब्लू बर्ड – हिसार
  • हिसार में एक हिरण पार्क की स्थित है। जिसकी स्थापना सन 1970 में 42 एकड़ जमीन पर की गई।

प्रमुख प्रजनन व अनुसंधान संस्थान

  • सूअर प्रजनन – केंद्र हिसार
  • भेड़ प्रजनन केंद्र – हिसार (1968-70)
  • मत्स्य प्रजनन केंद्र – हिसार
  • केंद्रीय भैंस शोध संस्थान:- केंद्रीय भैंस शोध संस्थान हिसार में बहुत पहले से ही परोजैनी टेस्टिंग बुल फॉर्म के रूप मे कार्यरत था। यह संस्थान प्रजनन हेतु किसानों को अच्छी नस्ल के सांड तथा भैंसा उपलब्ध कराता था। सन 1985 में हरियाणा राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय भैंस शोध संस्थान की स्थापना की गई। परोजैनी टेस्टिंग बुल फॉर्म से केंद्रीय भैंस शोध संस्थान के रूप में पुनर्निर्मित यह संस्थान 1 फरवरी 1985 से कार्य कर रही है। इस संस्थान ने भैंसों में दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के दिशा में अनेक शोध व प्रयोग किए हैं।
  • राष्ट्रीय पशु अनुसंधान केंद्र:- राष्ट्रीय पशु अनुसंधान केंद्र हिसार-सिरसा मार्ग मार्ग पर स्थित है। इसकी स्थापना जिसकी स्थापना सन 1986 में सातवीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संरक्षण में पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादन मे सुधार के लिए की गई।

बीकानेर में स्थित सहायक परिसर अश्वव उत्पादन से संबंधित अनुसंधान कार्य कर रहा है, इसलिए इसको अश्वव उत्पादन परिसर (अश्व अनुसंधान केंद्र) का नाम दिया गया है।

  • राजीव गांधी तापीय विद्युत परियोजना:- यह परियोजना हिसार के खेदड गांव में स्थित है, जिसकी स्थापना 24 अगस्त 2010 को की गई। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने किया था। इस विद्युत परियोजना को रिलायंस ने बनवाया है और इसे उत्तर भारत की मेघा परियोजना के नाम से भी जाना जाता है। इसकी लागत 4512 करोड रुपए है। इसकी क्षमता 1200 मेगा वाट है। ईसकी दो यूनिट हैं। इस विद्युत परियोजना में कोयले की आपूर्ति उड़ीसा की महानदी कोल डैम के द्वारा की जाती है और यहां पर पानी की प्राप्ति बरवाला लिंक नहर के द्वारा होती है।

प्रमुख धार्मिक स्थल

  • आर्य समाज मंदिर:- हिसार शहर के नागौरी गेट के समीप स्थित आर्य समाज मंदिर की स्थापना लाला लाजपत राय, पंडित लखपतराय बाबू, चूड़ामणि, और तायल बंधुओं, चंदूलाल, हरिलाल और बालमुकुंद गुप्त आदि के द्वारा सन 1886 में किया गई। लाला लाजपत राय 1 वर्ष के लिए इसके संस्थापक सचिव भी बने थे।
  • दिगंबर जैन मंदिर:- हिसार की मील रोड पर स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर का इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना है।
  • शीलनाथ का डेरा: हिसार जिले के गांव सुल्तानपुर में स्थित ईस डेरे को साधुओं की तपोभूमि के रूप में भी जाना जाता है। यहां कई साधुओं की समाधियां भी स्थित हैं।
  • देवी भवन मंदिर:- हिसार के श्री देवीधाम को मंदिरों की संगम स्थली भी कहा जाता है। श्री देवीलाल मंदिर की शुरुआत वर्ष 1770 में महाराजा पटियाला द्वारा मंदिर का निर्माण करवाने से शुरू हुई थी।
  • बिश्नोई मंदिर:- हिसार में राजगुरु मार्केट के पास स्थित बिश्नोई मंदिर एक भव्य मंदिर है।
  • बुआ कुंवारी मंदिर:- यह मंदिर गांव कँवारी में प्रवेश करते ही दिखाई देता है। यह एक छोटा सा मंदिर है जिसे सती बुआ कुंवारी की मडी अथवा थान भी कहा जाता है। यही वह स्थल है जहां एक कुंवारी कन्या सती हुई थी और उसी के नाम पर इस गांव का नाम कुंवारी रख दिया गया। इनके अलावा बाबा शेरगिरी मंदिर (कँवारी) और माँ शिला देवी मंदिर (अग्रोहा) भी हिसार में स्थित हैं
  • सेंट थॉमस चर्च:- सेंट थॉमस चर्च दिल्ली-हिसार मार्ग पर पुरानी कचहरी के नजदीक स्थापित है, आजकल यह एक ऐतिहासिक स्मारक घोषित है। 3 दिसंबर 1865 को बीसप आफॅ कोलकाता जी.ई.एन. काटन द्वारा इसे प्रतिष्ठित किया गया। यह चर्च विक्टोरियन कला की वास्तुकला का एक अनूठा उदाहरण भी है।
  • बाबा लाल दास धाम:- हिसार जिले के गांव डाटा में शिव श्रीशाला डेरी गौशाला के पास स्थित बाबा लालदास धाम में हर रोज श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है।
  • लाट बाग:- लाट बाग दिल्ली हिसार राष्ट्रीय मार्ग 09 पर थॉमस चर्च के सामने स्थित है। सन् 1857 के विशाल विद्रोह से पहले यह चर्च, सड़क के पार कंपनी बाग था। सन् 1857 के विद्रोह के दौरान हांसी और हिसार में भारतीयों द्वारा मारे गए कुछ यूरोपियन जिनमें हिसार का कलेक्टर जान रे डरबन भी था, की याद में एक समारक के तौर पर विकसित हुआ। यहां निर्मित सतंभ के चारों ओर इन सभी लोगों के नाम उत्किरण हैं। यह स्तंभ आज भी इस बाग मे लाट की तरह खड़ा है। अतः इसे लाट बाग भी कहा जाने लगा। कालांतर में इसका नाम क्रांतिमान पार्क रख दिया गया।
  • जहाज कोठी:- यह एक एसी जगह है जहां जार्ज थामस द्वारा एक निवास के रूप में प्रयुक्त की जाती थी। जार्ज की कोठी होने के कारण देहाती लोगों द्वारा इसे जहाज उर्फ जहाज की कोठी कहा जाने लगा। अब यह भवन हिसार जैन समाज के अधीन है और इसका नाम श्री दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर है।

प्रमुख दरगाह

  • मीठा पीर की दरगाह – तलवंडी हिसार
  • मीरा साहब की मजार:- हांसी के प्राचीन दुर्ग के ऊपर उत्तर दिशा में स्थित बाबा मीरा साहब की मजार लगभग 800 वर्ष पुरानी है। बाबा मीरा साहब का पूरा नाम हजरत नियमित उल्लाह वली उर्फ मीरां साहब था।
  • शेख जुनैद की मजार:- हिसार के रहने वाले शेख जुनैद भी सूफीसंत परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी थे जिनकी मजार नागौरी गेट के दक्षिण में स्थित है।
  • प्राणपीर बादशाह का मकबरा:- वर्तमान राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पिछवाड़े में सूफी पीर शेर बहलोल का मकबरा स्थित है। ये पीर एक महान सूफी संत हुए हैं, जिन्होंने गयासुद्दीन तुगलक के बारे में भविष्यवाणी की थी कि वह दिल्ली के सिंहासन पर बैठ हिंदुस्तान पर शासन करेगा।
  • चार कुतुब दरगाह:- चार कुतुब दरगाह का अर्थ है वह विद्वान जो समाज का मार्गदर्शन करें और लोगों को सही दिशा प्रदान करें। हांसी में स्थित ईन दरगाह चार कुतुब में निम्नलिखित चार सूफी संतों की मजार है। वह चार संत इस प्रकार हैं।
  1. शेख कुतुब जमालुद्दीन अहमद (1188-1263)
  2. शेख कुतुब मौलाना बुरहानुद्दीन (1261-1300)
  3. शेख कुतुबुद्दीन मुनव्वर (1352)
  4. हजरत कुतुबुद्दीन नूरुद्दीन (1325-1397)

महत्वपूर्ण व्यक्ति

  1. अरविंद केजरीवाल:- ईनका जन्म जिंदल स्टेनलेस के इंजीनियर गोविंद राय के घर सन् 1958 में हिसार जिले के सिवानी कस्बे में हुआ। इन्होंने सन 1989 में IIT खड़कपुर से मेडिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। मदर टेरेसा और रामकृष्ण परमहंस के आदर्शों से प्रभावित होकर परिवर्तन नाम से एक सामाजिक संगठन खड़ा किया। अन्ना हजारे और अरुण राय सरीखे समर्पित व्यक्तियों के साथ मिलकर सूचना का अधिकार प्राप्त करने के आंदोलन में भी शामिल हुए और परिणाम स्वरुप 2001 में दिल्ली आरटीआई एक्ट तथा सन 2005 में भारतीय आरटीआई एक्ट लागू करवाने में इन्होंने सफलता प्राप्त की।
  • 30 जुलाई सन 1919 को महात्मा गांधी जी को हिसार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।
  • 10 अप्रैल सन 1919 को गांधीजी को पलवल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।
  • महात्मा गांधी के लिए पहली बार महात्मा शब्द का प्रयोग परणजीत मेहता ने किया था, जबकि उनको महात्मा गांधी की उपाधि सन 1917 में रविंद्र नाथ टैगोर ने दी थी।

लाला लाजपत राय जी का हिसार से गहरा संबंध रहा है। इनके बारे में हिसार से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी इस प्रकार से है।

  1. लाला लाजपत राय – इनका जन्म 28 जनवरी सन 1856 को पंजाब के मोगा में हुआ। इनकी मृत्यु 17 नवंबर 1928 को हुई। 1896 से लेकर 1892 तक इन्होंने हिसार के अंदर अनेक अभूतपूर्व कार्य किए।
  • लाला लाजपत राय की कर्मभूमि हिसार ही रही है। पहले यह जिला जब हरियाणा का गठन नहीं हुआ था उस समय पंजाब के अंतर्गत आता था ईसिलिए लाला लाजपतराय जी की जन्मभूमि पंजाब है। इन्होंने ही सन 1928 में साइमन कमीशन का विरोध किया था।
  • लाला लाजपत राय जी के प्रयासों से हि पहली बार सन 1887 में कांग्रेस की शाखा हिसार में स्थापित की गई।
  • भारत के अंदर कांग्रेस की स्थापना 1885 में की गई थी और इसका नामकरण दादाभाई नरोजी के द्वारा किया गया था। कांग्रेस के चौथे अधिवेशन और 9वें अधिवेशन का नेतृत्व हिसार से लाला लाजपत राय जी ने हि किया था।
  • हिसार में आर्य समाज की स्थापना भी लाला लाजपत राय जी ने हीं की थी।
  • सन 1925 में कानपुर अधिवेशन के अध्यक्ष पंडित नेकीराम शर्मा थे।
  • बेलगांव कर्नाटक के अधिवेशन की अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी।
  • सन 1886 में कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता लाला मुरलीधर ने की थी।
  1. भजन लाल – इनका जन्म 6 अक्टूबर सन 1930 कोरनवली गांव में हुआ। इनकी मृत्यु 3 जून 2011 को हुई। इनको हरियाणा की राजनीति में पी.एच.डी प्राप्त कहा जाता है। 2007 में इन्होंने एच.जे.सी का गठन किया।
  2. कुलदिप बिश्नोई हिसार से संबंध रखते हैं।
  3. साइना नेहवाल – इनका जन्म 17 मार्च 1990 को हुआ। इन्होंने लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीता।
  4. सुभाष चंद्रा – यह हरियाणा में हिसार से राज्य सभा के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा ये जी न्यूज़ ग्रुप के भी अध्यक्ष हैं।
  5. उदय सिंह – कुश्ती के खिलाड़ी हैं।
  6. यशपाल शर्मा – एक फिल्म स्टार हैं।
  7. ओ.पी जिंदल:- ईनका जन्म 7 अगस्त सन 1930 को हुआ व इनकी मृत्यु 31 मार्च 2005 को हुई। ये जिंदल स्टील के संस्थापक हैं।
  8. सावित्री जिंदल – यह एशिया की सबसे अमीर महिला हैं।
  9. नवीन जिंदल – 26 जनवरी सन 2002 को आम व्यक्ति को झंडा फहराने का अधिकार इन्होंने ही दिलवाया।
  10. शालू जिंदल – ये नवीन जिंदल की पत्नी के रुप मे व कुचिपुड़ी नृत्यांगना के लिए जानी जाती हैं। इनको सन 2007 में इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी अवार्ड दिया गया।
  11. चंदगीराम – यह एक कुश्ती पहलवान हैं। इनका जन्म सन 1937 में हुआ यह दो बार भारत केसरी तथा दो बार हिंद केसरी का खिताब जीत चुके हैं। इन्होंने वीर घटोत्कच और टारजन जैसी फिल्मों में काम किया हुआ है। चंदगी राम को 1969 में अर्जुन पुरस्कार तथा सन 1971 में पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  12. लाला हरदेव सहाई – यह एक स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं इन्होंने सन 1936 में ग्राम सेवक पत्र निकाला व सन 1941 में सेवक नामक पत्र निकाला।
  13. जय भगवान – यह एक बॉक्सर है।
  14. ब्रह्मानंद – इन्होंने सन 1948 में ज्ञानोदय नामक समाचार पत्र निकाला।
  15. गीतिका जाखड़ – यह एक कुश्ती पहलवान है।
  16. ललिता सहरावत – यह कुश्ती पहलवान है।
  17. सूर्यकांत – यह हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने हैं।
  18. विकास कृष्ण यादव – इन्होंने बॉक्सिंग एशियाई खेल 2010 में स्वर्ण पदक जीता है।
  19. चौधरी कृपाराम – ये हिसार से स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। ईन्होंने 6 दिसंबर सन 1892 को जूई गांव में सूत कताई केंद्र की स्थापना की।
  20. प्यारेलाल – इन्होंने सन 1950 में रंगीला मुसाफिर पत्र निकाला।
  21. हुकम चंद – यह एक स्वतंत्रता सेनानी हैं।
  22. सेठ महेश चंद – इन्होंने सन 1950 में संदेश नामक पत्र निकाला।
  23. मिर्जा मुनीर बेग – यह एक स्वतंत्रता सेनानी हैं।
  24. विष्णु प्रभाकर- यह एक साहित्यकार हैं।
  25. अनीता कुंडू – यह फरीदपुर के उकलाना से रहने वाली हैं। इन्होंने चीन व नेपाल की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर फतेह हासिल की है।
  26. मल्लिका शेरावत – यह एक फिल्म अभिनेत्री हैं।
  27. मनविंदर बिसला – यह एक क्रिकेटर है।
  28. फतेह सिंह – इनका जन्म 5 अक्टूबर सन 1912 को हुआ। यह एक स्वतंत्रता सेनानी हैं।

हिसार जिले के प्रसिद्ध मेले

  1. नवरात्रि मेला – बनभौरी हिसार
  2. शिवाजी का मेला – सीसवाल व किरमारा हिसार
  3. बाबा लालदास धाम मेला – डाटा हिसार।
  4. देवी का मेला,
  5. गोगा नवमी का मेला,
  6. शिव मेला,
  7. समाधि मेला ,
  8. काली देवी मेला,
  9. अग्रसेन जयंती मेला,
  10. हनुमान जयंती मेला,
  11. दादी गोरी मेला,
  12. खाटू श्याम मेला,
  13. किसान मेला,
  14. सच्चा सौदा मेला,
  15. शीतल माता मेला

कुछ महत्वपूर्ण त्थय

  1. हरियाणा में सबसे अधिक पशुधन वाला जिला भी हिसार हि है।
  2. हरियाणा में सबसे अधिक भैंस जींद जिले में मिलती है
    1. गांय – सिरसा जिले में
    2. घोड़ा – करनाल में
  3. हरियाणा में सिर्फ दो जगहों पर ही विशेष पर्यावरण न्यायालय की स्थापना की गई है जिसमें एक हिसार है और दूसरा फरीदाबाद।
  4. हरियाणा में विधानसभा की टोटल 90 सीट हैं। इसमें से सबसे ज्यादा सीटें हिसार में ही है – 7 सिटें
  5. हर्षेक: – यह हरियाणा में मौसम संबंधी जानकारी देता है। जिसकी स्थापना – 1986 में कि गई।
  6. आकाशवाणी केंद्र हिसार कि स्थापना – 26 जनवरी सन 1999
    1. रोहतक आकाशवाणी केंद्र – 8 मई 1976
    2. कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र – 24 जून 1991
  7. हिसार दूरदर्शन केंद्र – 1 नवंबर 2002
    1. हरियाणा का एकमात्र दूरदर्शन का उद्घाटन सुषमा स्वराज जी ने किया। उस समय अटल जी प्रधानमंत्री और सुषमा स्वराज सूचना एवं प्रसारण मंत्री थी। उस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री ओम प्रकाश चौटाला थे।
    2. सुषमा स्वराज के पति का नाम स्वराज कौशल है जो सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने हैं।
  8. 14 अप्रैल सन 2016 को ग्रामोदय भारत उदय अभियान की शुरुआत हिसार से हुई।
  9. हिसार में प्रदेश का पहला मॉडल इनप्लाइमेंट गाइडेंस एंड काउंसलिंग सेंटर भी बनाया गया है।
  10. हरियाणा में सबसे कम वर्षा वाले जिले में भी हिसार शामिल है हिसार के अलावा सिरसा में भी कम वर्षा होती है।
  • खनिज पदार्थ – शोरा यहां का मुख्य खनिज पदार्थ है।
  • NH- 65 बदल कर NH – 152 कर दिया गया है। अंबाला से पाली
  • NH – 10 बदल कर NH – 9 कर दिया गया है। दिल्ली से संगरूर

हांसी

हिसार का महत्व पूर्ण जिला हांसी है। इसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार से हैं।

  • माना जाता है कि वर्तमान हांसी की स्थापना आसाराम जाट के द्वारा की गई थी।
  • असीगढ़ का किला इस किले का निर्माण 12 वीं शताब्दी में पृथ्वीराज चौहान ने करवाया था। यह तलवार के लिए प्रसिद्ध है।
  • हांसी का युद्ध 1037 में मसुद मोहम्मद गजनी के उत्तराधिकारी व कंवरपाल देव तोमर के बीच हुआ था। जिसमें कवरपाल तोमर हार गए थे।
  • मोहम्मद गौरी की सेना के साथ युद्ध – यह युद्ध 1192 में हुआ था। ये युद्ध हांसी क्षेत्र में जाखा नामक राजपूत के नेतृत्व में हुआ।
  • जॉर्ज थॉमस ने 1797 में हांसी को अपनी राजधानी बनाया था तथा इन्होंने ही सर्वप्रथम हांसी में एक टकसाल की स्थापना की थी।
  • हांसी खुद जिला न होते हुए भी यहां पर पुलिस जिला है।
  • बडसी द्वार – हांसी
  • चहार कुतुब – हांसी
  • काली माता का मंदिर – हांसी बस स्टैंड के पास

अग्रोहा

  • वैशय समाज वाले अग्रोहा को अपना उद्गम स्थल मानते हैं। ऐसा माना जाता है कि अग्रोहा के महाराज अग्रसेन के द्वारा यह नगर बसाया गया था।
  • अग्रोहा से प्राप्त सिक्कों से पता चलता है कि यहां पर अग्र गणराज्य मौजूद था। जिसकी राजधानी अग्रोहा थी।
  • गुप्तकालीन सूर्य देवता की मूर्ति भी अग्रोहा में ही स्थित है।
  • अग्रोहा से एक अभिलेख प्राप्त हुआ है जिस पर स्वर के 7 अक्क्षर सा रे गा मा पा अंकित हैं।
  • मुगल काल में बनवाई हुई शिव जी की मूर्ति भी अग्रोहा व बरवाला में स्थित है।

 

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पानीपत
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Spread the love ईन प्रशनों से रिलेटिड Video आप हमारे YouTube चैनल पर भी देख सकते हैं click here बुनकर नगरी स्थापना – 1 नवंबर 1989           पानीपत   पानीपत में सबसे अधिक आचार फैक्ट्री हैं।   उप-मंडल – पानीपत व समालखा। तहसील – पानीपत, समालखा, बापौली, इसराना। उप-तहसील – …