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यमुनानगर को पेपर सिटी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि हरियाणा में सबसे ज्यादा कागज का उत्पादन यमुनानगर में ही होता है।

  • स्थापना 1 नवंबर 1989
  • क्षेत्रफल – 1768 वर्ग किलोमीटर
  • जनसंख्या घनत्व – 687 प्रति व्यक्ति वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 877
  • साक्षरता दर – 99%
  • मंडल –जगाधरी, बिलासपुर
  • तहसील –जगाधरी, छछरौली, बिलासपुर, रामपुर
  • उप तहसील –सढौर, मुस्तफाबाद
  • खंड –बिलासपुर, छछरौली, जगाधरी, रादौर, सढौर,    मुस्तफाबाद

इतिहास

यह नगर पश्चिमी यमुना नहर के तट पर स्थित है। इसका गठन 1 नवंबर 1989 को हुआ था। इसके आसपास जो जिले हैं करनाल, कुरुक्षेत्र, और अंबाला हैं और राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश हैं। इस नगर का पुराना नाम अब्दुल्लापुर था । यह जिला प्रमुख रूप से उद्योगों के विकास के लिए विख्यात है । कागज मिल, शुगर मिल, पेपर मिल, और धातुओं के उत्पादन के कारण यह जिला काफी फेमस है ।

  • यमुनानगर – यमुना नदी के किनारे बसे होने के कारण इसका नाम यमुनानगर पड़ा। प्राचीन समय में यह नगर टिंबर तथा मेटल मार्केट के लिए बहुत प्रसिद्ध था। तब इसको अब्दुल्लापुर के नाम से जाना जाता था। गोला बारूद रखने के बक्सों की 60% आपूर्ति यमुनानगर के द्वारा ही होती है।
  • मुस्तफाबाद – इसकी स्थापना सन 1763 ईस्वी में देस्सुसिंह दल्लेवाला ने की थी जो कि निकटवर्ती गांव तरनतारन से थे। बाद मे इसका नाम बदलकर सरस्वती नगर कर दिया गया। इस गांव में सरस्वती नदी के बहने के सबूत भी मिले हैं जो पोलियो चैनल के माध्यम से पता चला है। इसके लिए सस्वती विकास बोर्ड की स्थापना भी की गई है जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का शुभारंभ आदिबद्री से हुआ व यहां पर 46 नदियों के पानी से अभिषेक किया गया। जिसका शुभारंभ नितिन गडकरी ने किया।
  • छछरौली – छाछरोली कि स्थापना 18वीं सदी में सरदार गुरुबख्श ने की थी। यहां पर कलसिया रियासत का किला है। इसी किले में रानी की खिड़की है। छछरौली का विद्रोह 1818 में हुआ था जिसका नेतृत्व जोध सिंह ने किया था। अधिक वर्षा होने के कारण छछरौली को हरियाणा का चेरापूंजी भी कहते हैं। चेरापूंजी का वर्तमान नाम सिरोही है। वर्तमान में सबसे ज्यादा बरसात असम के मानसीग्राम में होती है।
  • टोपरा अभिलेख – यह यमुनानगर के रादौर खंड में स्थित है। यह फिरोजशाह तुगलक के द्वारा दिल्ली लाया गया था। हरियाणा से प्राप्त अशोक का यह एकमात्र अभिलेख है। यह अभिलेख प्राकृतिक भाषा तथा ब्रह्म लिपि में लिखा गया है। जिस पर 7 अभिलेख खुदे हुए हैं। यह अभिलेख अशोक के द्वारा गुजरात के गिरनार पर्वत में बनवाया गया था। फिरोजशाह तुगलक द्वारा इसको मखमल के कपड़े में लपेटकर यमुना नदी के रास्ते लाया गया था।
  • रादौर- यह यमुनानगर में कुरुक्षेत्र राजमार्ग पर स्थित है। यह दामला के नवाब आसफ खां ने अपने धार्मिक गुरु मसीते शाह को दिया था।
  • साढोरा – यहां पर तीन मंदिर स्थित है – गागरवाला, मनोकामना, व तोरावाला। यही पर बुद्धु शाह गुरुद्वारा भी स्थित है।
  • बूडिया – इस कस्बे की नीव हुमायु के शासनकाल में रखी गई थी। यह कस्बा हिंदू काल में सूप, संकु और श्राधना के नाम से भी जाना जाता था। एक और अवधारणा यह भी है कि इसे सन् 1764 में राम सिंह भागी ने बसाया था।

महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल

  • ताजेवाला कॉन्प्लेक्स – यह यमुनानगर में जगाधरी पावटा मार्ग पर ताजेवाला तथा कलेसर में ही सम्मनीय स्थल हैं जो एक दूसरे से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं इस में यमुना नदी पर बनाया गया ताजेवाला हैंड वर्कर्स प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है यहीं से यमुना नदी से पश्चिमी यमुना नहर तथा पूर्वी यमुना नहर निकलती है I
  • कालेसर राष्ट्रीय पार्क – दिसम्बर 2003 में इस राष्ट्रीय पार्क की घोषणा की गई। यह अभ्यारण 11570 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। यह उधान लाल जंगली मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां पर सांभर, चीतल, भोकने वाले हिरण व नील गाय आदि मिलते हैं। यह अभ्यारण पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। साल के वृक्ष भी इस घाटी में मिलते हैं। यहां लाल चेस्टनेट मृदा भी मिलती है।
  • यमुनानगर के चुहरपुर गांव में 110 एकड़ जमीन पर चौधरी देवीलाल प्राकृतिक पार्क स्थापित किया गया है।
  • कपालमोचन गुरुद्वारा – यह बिलासपुर में स्थित है। इसे गुरु गोविंद का शस्त्र घाट भी कहते हैं। 1687 में गुरु गोविंद सिंह ने जब पहाड़ी राजाओं से युद्ध करने के बाद यहां पर आए थे तो उन्होंने इस तालाब में अपने अस्त्र धोए थे। और 52 दिन तक यहां पर इन्होंने अपना पड़ाव भी डाला था।
  • गुरुद्वारा पावटा साहिब भी यमुनानगर में ही स्थित है।
  • जगाधरी शराब के लिए भी हरियाणा का यह जिला बहुत प्रसिद्ध है।
  • हथिनी कुंड बैराज परियोजना – ईसका निर्माण ताजेवाला हैंड वर्कर्स के स्थान पर किया गया है। इसके निर्माण का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर सिंचाई एवं पेयजल की आपूर्ति करना तथा हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश को बाढ़ से बचाना है। यहां पर यमुना के पानी को नियंत्रित करने के लिए 60 दरी भी बनाई गई है। हथिनीकुंड को मछुआरों का स्वर्ग भी कहा जाता है। यमुना नदी ताजेवाला स्थान से हि हरियाणा में प्रवेश करती है।
  • बीरबल का रंगमहल – यमुनानगर से 12 किलोमीटर दूर बुढ़िया नामक एक प्राचीन कस्बे के समीप बीरबल ने अपने रहने के लिए आबादी से दूर जंगलों में रंग महल का निर्माण कराया था. इसका निर्माण शाहजहां के शासनकाल में हुआ था। इसको बीरबल का रंगमहल भी कहते हैं। हिंदू काल के दौरान यह संस्कृत विश्वविद्यालय तथा बौद्ध धर्म का मुख्य प्रचारक केंद्र था।
  • चनेटी का स्तूप – यह हरियाणा की सबसे प्राचीन धार्मिक इमारत है। ईस स्तूप के बारे में हेनसांग ने अपनी पुस्तक सी.यू.कि में भी वर्णन किया है। इसको अशोक के द्वारा बनवाया गया था।
  • चिट्ठा मंदिर – यहां स्थित हनुमान मंदिर में स्वेत हनुमान की मूर्ति की स्थापना 70 वर्ष पूर्व की गई थी I कहा जाता है कि इस पवित्र भूमि पर कौरवों तथा पांडवों का युद्ध हुआ था I यहां स्थित हनुमान जी की स्वेत प्रतिमा को चिट्ठा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है I इस स्थान को महंत श्री गंगा नंद गिरी जी की तपोस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है I
  • ताजेवाला – यमुनानगर स्थिति ताजेवाला एक रमणीय स्थल है I यहां स्थित ताजेवाला हैंडवर्क बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है I इसी स्थान से यमुना नहर भी निकलती है।
  • श्री कालेश्वर महादेव मठ – यह कालेश्वर के पास स्थित है। महाभारत कालीन यह मठ विश्व के 12 प्रसिद्ध मठों में से एक है। यह मठ यमुना व सरस्वती के संगम पर स्थित है। वर्ष 1980 में यहां पर धर्म गुरुओं के सहयोग से सूर्य यज्ञ संपन्न किया गया।
  • आदि बद्री – यमुनानगर जिले में बिलासपुर के उत्तर में शिवालिक की पहाड़ियों के समीप यह पौराणिक गांव बसा है I यह सरस्वती नदी का उद्गम स्थल है। यहां से नौवीं और दसवीं शताब्दी की शिव-पार्वती और गणेश की मूर्तियां मिली है।
  • कपालमोचन – यह बिलासपुर में स्थित है। इसे सोम सरोवर तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी ने यहां पर 3 कुंड बनवाए थे।
    • उत्तर दिशा का अग्निकुंड
    • दक्षिण दिशा का अग्निकुंड और
    • ऋण मोचन अग्निकुंड
  • कपालमोचन उन दो प्रसिद्ध तीर्थों में से एक है जिस पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • दूसरा – उड़ीसा के कोणार्क में स्थित है।
  • बसन्तौर – यह राजा शांतनु से संबंधित है। यहां पर हाथी पुनर्वास अनुसंधान केंद्र भी बनाया गया है। (बसपा और असमगण परिषद का चुनाव चिन्ह हाथी ही है और सबसे अधिक गर्भावस्था काल हाथी का ही होता है – 620 दिन। भारत में हाथियों का पिता सुकुमार को कहा जाता है।)
  • कलसिया रियासत का किला – यमुनानगर में जगाधरी पावटा साहिब मार्ग पर 15 किलोमीटर दूर स्थित छछरौली में कलसिया रियासत का किला है I यह किला अंग्रेजों ने पंजाब के सरदार रणजीतसिंह व सरदारसिंह को इनाम रूप में दिया था I इस किले को “रानी की खिड़की” भी कहा जाता है I
  • इसके अलावा सूर्यकुंड मंदिर (अमादलपुर) और लक्कड़हारा मंदिर (जगाधरी) में स्थित है I
  • यहां पर एक बुद्धू साह के नाम से भी गुरुद्वारा प्रसिद्ध है I

प्रमुख उद्योग धंधे

  • बल्लारपुर पेपर मिल – ईसकी स्थापना सन 1929 में लाल करमचंद थापर के द्वारा की गई थी। इसकी स्थापना मैसर्म पंजाब पल्प एंड पेपर मिल के नाम से हुई थी। यह हरियाणा की ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी पेपर मिल है।
  • सरस्वती शुगर मिल – इसकी स्थापना सन 1933 में लाहौर में की गई थी। यह मिल सरस्वती औद्योगिक सिण्डीकट लिमिटेड कि यूनिट है।
  • भारत स्टार्च केमिकल लिमिटेड – इसकी स्थापना 1938 में की गई थी। यहां पर मक्के का स्टॉर्च व ईसके उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
  • रेलवे गैस लिमिटेड – इसकी स्थापना सन 1973 में की गई थी। सन 1975 में इस कंपनी ने औद्योगिक गैसों के उत्पादन में अग्रणी स्थान प्राप्त किया था। सन 1988 में इसका नाम ‘यमुना गैस व केमिकल लिमिटेड’ कर दिया गया।
  • दीनबंधु छोटू राम तापीय विद्युत परियोजना – इसकी स्थापना 14 अप्रैल सन 2008 को की गई थ।  जिसकी क्षमता 600 मेगावाट है। इसको सेंट्रल कोलफील्ड के द्वारा कोयले की प्राप्ति होती है।
  • पश्चिमी यमुना नहर – यह हरियाणा की सबसे पुरानी नहर है। यह ताजेवाला नामक स्थान से निकलती है। जिसकी लंबाई 3226 किलोमीटर है।
  • पश्चिमी यमुना नहर जल विद्युत परियोजना – इसकी स्थापना 29 मई 1986 को की गई। जिसकी क्षमता 40 मेगावाट है।
  • हरियाणा में सबसे अधिक गन्ने का उत्पादन यमुनानगर में ही होता है।
  • यमुनानगर में बिल्ट फुटबॉल स्टेडियम भी स्थित है।
  • हरियाणा के यमुनानगर में डिस्टलरी उद्योग भी स्थित है।
  • यहाँ एशिया की सबसे बड़ी पेपर मिल है।

प्रमुख व्यक्ति 

  • वेद गांधी – यह एक अभिनेता हैं। इनका गांव उधमगढ़ है। इन्हे 2001 में फिल्म निर्माण संघ के द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिया गया है।
  • सुनील दत्त – यह भी एक फिल्म अभिनेता हैं। इनका असली नाम बलराज दत्त है। इनका जन्म 6 जून 1929 को हुआ था। इन्होंने सीलोन रेडियो चैनल में भी काम किया हुआ है।
  • संजीव राजपूत – इनका जन्म 8 जून 1981 को जगाधरी मे हुआ। इन्होंने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में 50 मीटर निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीता है।

प्रमुख मंदिर 

  1. परशुराम का सर्वधर्म मंदिर
  2. पंचमुखी हनुमान मंदिर
  3. चित्रा मंदिर
  4. सूर्यकुंड मंदिर
  5. गोपाल मोचन मेला
  6. कपालमोचन मेला
  7. आदिबद्री मेला
  8. पंचमुखी मेला
  9. हजरत शाह का मेला
  10. बावन द्वादशी का मेला।
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